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महिला सिपाही को आपत्तिजनक WhatsApp करता था SI, शिकायत पर SSP ने किया सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला सिपाही को आपत्तिजनक मैसेज कर परेशान करने और दुर्व्यवहार के मामले में एसएसपी ने एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है. पीड़ित महिला सिपाही ने भमोरा थाने के दरोगा चंद्रपाल के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत की थी. पुलिस अधिक्षक ने सीओ को इस मामले की जांच सौंपी है.

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उत्तर प्रदेश के बरेली में एसएसपी ने एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है.
उत्तर प्रदेश के बरेली में एसएसपी ने एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है.

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक सब इंस्पेक्टर को महिला सिपाही के साथ दुर्व्यवहार और परेशान करने के मामले में एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है. पीड़िता महिला सिपाही ने शिकायत की थी कि आरोपी दरोगा उसे अक्सर परेशान करता था. उसे आपत्तिजनक व्हाट्सऐप मैसेज किया करता था. इतना ही नहीं मना करने के बाद भी वो लगातार अशोभनीय हरकते कर रहा था. इससे परेशान होकर पीड़िता ने सबूतों के साथ एसएसपी ऑफिस में शिकायत कर दी. 

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पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मुकेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बरेली के पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान को भेजी गई शिकायत में महिला सिपाही ने कहा कि भमोरा खाने में तैनात एसआई चंद्रपाल सिंह ने उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था. वो उसके फोन पर "अशोभनीय संदेश" भेज रहा था. पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने भमोरा थाने के एसएचओ को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया था. इस जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं.

एसपी ने कहा कि एसएचओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि चंद्रपाल सिंह ने व्हाट्सऐप पर कई आपत्तिजनक मैसेज किए थे. अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों के विपरीत काम करते हुए "पुलिस की छवि खराब की" है. इस रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने शनिवार रात आरोपी सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है. उसके खिलाफ विभागीय जांच आंवला के सर्कल ऑफिसर को सौंपी गई है. इस जांच में आरोप सिद्द पाए जाने के बाद दरोगा को बर्खास्त भी किया जा सकता है.

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बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. पिछले साल कानपुर में भी एक आशिक मिजाज दरोगा की करतूत सामने आई थी. साढ़ थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर तेजवीर सिंह का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उसमें वो एक महिला से अश्लीलता करते हुए जबरन दोस्ती करने का दबाव बना रहा था. इस घटना के सामने आने के बाद एसएसपी ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया करके विभागीय जांच बिठा दी थी.

जानकारी के मुताबिक, एक महिला अपने परिवार में हुए झगड़े के बाद थाने पहुंची थी. आरोपी दरोगा जांच के नाम पर उससे फोन पर बातें करने लगा. धीरे-धीरे रात को कॉल करके उससे अश्लील बात करते हुए दोस्ती का दबाव बनाने लगा. उसकी अश्लील हरकत से परेशान महिला ने उसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. आलाधिकारियों ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी दरोगा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था.

इस मामले पर तत्कालीन कानपुर पुलिस कमीश्नरेट के एडीसीपी अंकिता शर्मा ने कहा था कि महिलाओं से अभद्रता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ना ही किसी पुलिसकर्मी को किसी महिला से अभद्रता करने की छूट दी जाएगी. वायरल ऑडियो के आधार पर आरोपी दरोगा को सस्पेंड करते हुए उसके खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है. रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस तरह के पुलिसवाले न सिर्फ विभाग पर बदनुमा दाग है, बल्कि सरकार की छवि धुमिल कर रहे हैं.

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