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छतरपुर: बेइज्जती से आहत युवक ने लगाई फांसी, नोट में लिखा- शव बेचकर पैसा वसूल ले बिजली विभाग

छतरपुर में एक युवक ने पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि उस पर बिजली विभाग का 80 हजार रुपये बकाया था. लॉकडाउन की वजह से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी. जिसकी वजह से वो बिल नहीं चुका नहीं पा रहा था. इसके लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उसे गांव वालों के सामने बेइज्जत किया और इससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली.

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(प्रतीकात्मक फोटो)
(प्रतीकात्मक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • युवक पर बिजली विभाग का 80 हजार बकाया
  • विभाग के कर्मचारियों ने किया था बेइज्जत
  • पीएम मोदी के नाम लिखा 7 पन्नों का सुसाइड नोट

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के मातगुवां में रहने वाले एक 35 साल के युवक ने बिजली विभाग की प्रताड़ना के चलते फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. युवक ने पीएम मोदी के नाम सात पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है. जिसमें उसने कहा कि मैं आपकी सरकार से संतुष्ट हूं. लेकिन आपके निचले स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से खुश नहीं हूं. 

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बिजली विभाग का मुझे करीब 80 हजार रुपये बकाया बिल का देना है. लॉकडाउन और पारिवारिक स्थिति ठीक न होने की वजह से बिल नहीं दे पाया. फिर बिजली विभाग के कर्मचारी आये और मेरी चक्की, मोटर और मोटरसाइकिल उठाकर ले गये. इतना ही नहीं गांव के लोगों के सामने मुझे खूब बेइज्जत भी किया. ये प्रताड़ना मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और आत्महत्या कर रहा हूं. मेरी मौत के बाद मेरा शरीर अधिकारियों को दे देना जिससे वो शव के टुकड़े- टुकड़े बेचकर अपना पैसा वसूल कर लें.  

बिजली का बिन न चुकाने के चलते युवक ने किया सुसाइड 

सुसाइड नोट पढ़ने के बाद पुलिस भी सकते में है और जांच में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि मुनेंद्र राजपूत ने अपने खेत के पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी की है. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. 

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एसपी छतरपुर सचिन शर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग ने अपने बकाया की वसूली के लिये उसके भाई को गांव में खूब प्रताड़ित किया और उसकी बेज्जती की, जिसकी वजह से उसका भाई सदमे था और उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. 

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