जेल में बैठ 200 करोड़ की ठगी करने वाले सुकेश चंद्रशेखर को शनिवार को पटियाला कोर्ट में पेश किया गया है. पुलिस ने मांग की है कि उन्हें आने वाले दिनो ंमें सुकेश से और ज्यादा पूछताछ करनी है. ऐसे में उसकी 30 दिन की पुलिस कस्टडी उन्हें दे दी जाए. लेकिन पटियाला कोर्ट ने इस पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने सुकेश को 14 दिन की रिमांड जरूर दी है, लेकिन इस जांच पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं.
सुकेश को 14 दिन की रिमांड, पुलिस को फटकार
कोर्ट ने सुकेश के खिलाफ MCOCA लगाने को गलत बता दिया है. तर्क दिया गया है कि मकोका लगाने के लिए 2 से ज्यादा चार्जशीट का संज्ञान लेना जरूरी रहता है. वहीं ये भी स्पष्ट होना चाहिए आरोपी खुद किसी सिंडिकेट का हिस्सा है या फिर वो इसे अपने दम पर चला रहा है. कोर्ट ने कहा है कि उन्हें इस केस में पुलिस के तर्क समझ से परे लग रहे हैं.
जज ने भी पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि कानून की परिभाषा को आप अपने हिसाब से परिभाषित नही कर सकते. पुलिस को मकोका की परिभाषा को ठीक से समझना चाहिए. भले ये आरोपी दुनिया का सबसे खतरनाक आदमी है पर कोर्ट कानून के हिसाब से चलती है.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई बार पुलिस से पूछा कि एक अकेले आदमी पर कैसे मकोका लगाया? जाईये पहले मेटियल इक्कठा करिए. दलील दी गई कि क्राइम सिंडिकेट में चार से ज्यादा लोगों का शामिल होना जरूरी है. लेकिन पुलिस ने एक ही आरोपी के खिलाफ मकोका लगा दिया.
पुलिस ने क्या सफाई दी?
अब कोर्ट ने जरूर फटकार लगाई है, लेकिन पुलिस अपने स्टैंड पर कायम है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा है कि सुकेश लम्बे वक्त से जेल में गिरोह चला रहा है. वो जेल के लोगों की मिलीभगत से बाहर बैठे लोगों के साथ ठगी कर रहा है. पुलिस ने ये भी जानकारी दी है कि सुकेश बड़े स्तर पर हवाला कारोबार चला रहा था. उसे इस काम में अपनी पत्नी की पूरी मदद मिल रही थी. जेल अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी. विदेश में भी पैसे भेजे गए थे.
ऐसे में पुलिस मानती है कि ये एक सिंडिकेट का मामला है जहां पर सुकेश की पत्नी भी सक्रिय रूप से काम कर रही थी.