ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के अफसर बनकर लोगों से जबरन वसूली करने के आरोप में तेवतिया गैंग के दो सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान इकबाल कुरैशी और अरुण लाल उर्फ अंकित के रूप में हुई है. इनमें कुरैशी 'प्रिंस तेवतिया गैंग' का जाना-माना सदस्य है. उस पर डकैती, झपटमारी और बलात्कार सहित 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, अरुण लाल एक दोहरे हत्याकांड में शामिल रहा है. दोनों से पूछताछ की जा रही है.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संजय कुमार सैन ने बताया कि 22 अक्टूबर, 2024 को सात लोगों के एक गिरोह ने ईडी अधिकारी बनकर महरौली में एक फार्महाउस पर छापा मारा था. उन्होंने वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और बंधक बना लिया. इसके बाद बैंक से बड़ी रकम निकालने के बारे में पूछताछ करने लगे. आरोपियों ने 20 करोड़ रुपये की मांग की और रकम न देने पर उन सभी को गिरफ्तारी की धमकी दी.
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की शिकायत करने वाले व्यापारी ने उनकी बात मानने का नाटक करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उसे बैंक जाना है. अगले दिन गिरोह के दो सदस्य उसके साथ हौज खास बैंक गए, जहां उसने चुपके से अपने मैनेजर और वकील को सूचित कर दिया. इस दौरान उसे पता चला कि फर्जी ईडी अधिकारियों ने उसे बंधक बनाया है, तो उसने उनका विरोध किया. भेद खुल जाने के बाद तेवतियां गैंग लोग वहां से फरार हो गए.
इसके बाद इस मामले में शिकायत मिलने के बाद महरौली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. एडिशनल सीपी ने कहा, "पुलिस टीमों ने मोबाइल रिकॉर्ड के जरिए इकबाल कुरैशी की पहचान कर ली. खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने 19 फरवरी को खिजराबाद से कुरैशी और अरुण लाल को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान कुरैशी ने अपने सहयोगी लकी के साथ फर्जी छापेमारी की योजना बनाने की बात स्वीकार की, जिसे पहले गिरफ्तार किया गया था.''