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45 दिन, 300 किलोमीटर तक पीछा,100 CCTV की जांच... दिल्ली पुलिस ने ऐसे पकड़े व्यापारी के कातिल

राजन लांबा के बेटे ने पुलिस में 3 दिसंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी. इसके बाद पुलिस ने जांच के बाद शेर सिंह की फैक्ट्री के तहखाने से राजन लांबा की बॉडी को बरामद की. इसके बाद पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की फिर दोनों आरोपियों की पहचान हुई.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 45 दिन बाद बवाना इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के क़ातिल के कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है. डीसीपी क्राइम ब्रांच संजय सेन के मुताबिक हत्या को दो लोगों ने अंजाम दिया था, दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है, हत्या की वजह राजन लांबा द्वारा दिये मशीन की किश्त मांगना था. 

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डीसीपी के मुताबिक आरोपियों ने राजन लांबा से किश्तों पर मशीन ली थी, लेकिन आरोपी किश्त नही चुका रहे थे, जब राजन लांबा ने पैसों के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने सिर पर लोहे की रॉड से वॉर कर उनकी हत्या कर दी.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हरीश और शेर सिंह ने करीब 5 महीने पहले राजन लांबा से किश्तों पर मशीन ली थी. लगातार 3 महीने तक हरीश और शेर सिंह ने एक भी किश्त नहीं चुकाई. जब राजन लांबा ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने 2 दिसंबर को राजन लांबा से कहा कि वह अपनी मशीन वापस लेकर जाए.

लोहे की रॉड से की हत्या

जब राजन लांबा शेर सिंह की फैक्टरी पहुंचे तो वहां पर उनकी हरीश और शेर सिंह के साथ उनकी बहस हो गई. इसी दौरान दोनों ने लोहे की रॉड मारकर राजन लांबा की हत्या कर दी फिर बॉडी को बोरी में भरकर फैक्ट्री के तहखाने में छुपा दिया. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की साजिश थी कि मौका देखकर वह राजन लांबा की बॉडी को जंगल में ले जाकर ठिकाने लगा देंगे लेकिन उन्हें इसका मौका नहीं मिला.

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राजन लांबा के बेटे ने पुलिस में 3 दिसंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी. इसके बाद पुलिस ने जांच के बाद शेर सिंह की फैक्ट्री के तहखाने से राजन लांबा की बॉडी को बरामद की. इसके बाद पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की फिर दोनों आरोपियों की पहचान हुई.

आरोपी लगातार बदल रहे थे ठिकाना

पुलिस का कहना है कि कई बार आरोपी पुलिस की हत्या करते-करते रह गए. पकड़े जाने की डर से आरोपी बेहद तेजी से पश्चिमी यूपी में अपना ठिकाना बदल रहे थे. वह कभी मैनपुरी, कभी एटा, कभी बुलंदशहर तो कभी दूसरे शहरों में भाग रहे थे.

वारदात के ठीक 45 दिन बाद पुलिस ने आरोपी हरीश को बुलंदशहर से और शेर सिंह को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. आरोपियों ने पीड़ित की गाड़ी को कहां ठिकाने लगाया, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है.

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