मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस के खिलाफ रिश्वत मामले को लेकर लोकायुक्त एसपी गोपाल धाकड़ ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल, उन्होंने वाहनों की एंट्री करने की एवज में थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. इन तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
गोपाल धाकड़ ने बताया कि उन्हें एक शख्स ने शिकायत की थी कि वाहनों की एंट्री करने की एवज में गोंविदगढ़ थाना प्रभारी सहित उनका स्टाफ 6 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है. इसी पर कार्रवाई करते हुए इन तीन पुलिसकर्मियों को पकड़ा गया है.
वहीं, इससे पहले बिहार के वैशाली से भी कुछ ऐसा ही मिलता-जुलता मामला सामने आया था. यहां एक थानेदार को अपनी ही चालाकी के चलते नौकरी से हाथ धोना पड़ गया. वैशाली जिले के करताहा थाना क्षेत्र में एक फरियादी ने पुलिस के वरीय अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि एक थानेदार उनसे रिश्वत मांग रहे हैं.
परेशान होकर कर दी शिकायत
धनुषी के रहने वाले बिट्टू ने आरोप लगाया था कि जमीन के एक सौदे में थानेदार गौरव श्रीवास्तव जबरन उससे पैसे मांग रहे हैं. थानेदार की इस हरकत से परेशान होकर शख्स ने उनके खाते में कुछ पैसे भी ट्रांसफर कर दिए थे. लेकिन थानेदार उनसे और भी ज्यादा पैसा मांग रहे थे. शख्स ने बताया कि थानेदार गौरव पैसे मांगने के लिए वह हमेशा उसे Whatsapp पर ही फोन करते थे. ताकि उनकी बातें रिकॉर्ड ना की जा सकें. बाद में शख्स ने परेशान होकर इसकी शिकायत बड़े पुलिस अधिकारियों को कर दी. बकायदा शख्स ने Whatsapp कॉल और मैसेज के भी पूरे सबूत उनके सामने दिखाए.
थानेदार को किया निलंबित
मामले री जांच शुरु हुई तो थानेदार पर लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए. वैशाली के SP मनीष ने थानेदार को तुरंत निलंबित करते हुए थाने से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.