छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सुकमा जिले के एक गांव में रविवार को जादू-टोना के शक में एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. इस जघन्य हत्याकांड के सिलसिले में एक ही गांव के पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, ये खौफनाक वारदात सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र के एकताल गांव में हुई है. मृतकों की पहचान मौसम कन्ना (34), उनकी पत्नी मौसम बीरी, मौसम बुच्चा (34), उनकी पत्नी मौसम अरजो (32) और एक अन्य महिला करका लच्छी (43) के रूप में हुई है.
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों में सवलम राजेश (21), सवलम हिडमा, करम सत्यम (35), कुंजम मुकेश (28) और पोडियाम एनका का नाम शामिल है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.
12 सितंबर को छत्तीसगढ़ के बलोदाबजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के छरछेद गांव में भी इस तरह की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई थी. यहां जादू टोने के शक एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. मृतकों में 2 बहन, 1 भाई और 1 बच्चा शामिल था.
पुलिस ने बताया था कि शुरुआती जांच के बाद ऐसा लगता है कि जादू-टोने और अंधविश्वास के चक्कर में इन हत्याओं को अंजाम दिया गया. इस मामले में 3 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. मृतकों की पहचान चैतराम, जमुना बाई केवट, यशोदा बाई केवट के रूप में हुई है.
बताते चलें कि इसी साल जुलाई में राजस्थान के सलूंबर में एक युवक ने जादू-टोने के शक में तलवार से गला काटकर अपने ही दोस्त की हत्या कर दी थी. हैरानी की बात ये है कि जब पुलिस उसे पकड़ने पहुंची तो उसने खुद की भी जान ले ली. आरोपी की पहचान फतेह सिंह के रूप में हुई थी.
एसपी अरशद अली ने बताया कि इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए पहुंची थी. पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा, तो उसने गला काटकर खुदकुशी कर लिया. मृतक का नाम शंकर लाल मेघवाल था, जो कि पेशे से शिक्षक था.