ये कहानी एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसने अपने पति की हत्या कर दी. उसे मौत की सजा मिली. ये सजा फिर कम कर दी गई. वो 24 साल तक जेल में रही. उसे स्टेज 4 का कैंसर भी हुआ. जेल जाने पर वो गर्भवती हुई और यहीं एक बच्चे को जन्म दिया. अब उसने बताया है कि आखिर क्यों उसे अपने पति और अपने पांच बच्चों के पिता को मौत के घाट उतारना पड़ा. महिला का नाम रोबिना रुकिलवा है. उन्होंने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि उनके पास पति को मारने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं था. मामला अफ्रीकी देश यूगांडा का है.
उन्होंने एक डॉक्यूमेंट्री में अपनी कहानी सुनाई है. रोबिना ने कहा कि वो अपने बच्चों के पिता को नहीं मारना चाहती थीं. जबकि यही वो शख्स था, जिसने उन्हें जिंदगी भर का दर्द दिया. मगर वो मुंह सील कर सब सहती रहीं. उन्हें उम्मीद थी कि वो एक दिन बदल जाएगा और ये एक दिन कभी नहीं आया. वो कहती हैं, 'आप मुझसे नफरत कर सकते हैं, मेरा मजाक उड़ा सकते हैं. लेकिन सच ये है कि भगवान ने खुद इस मौत की तैयारी की थी. मेरा इरादा कभी उसे मारने का नहीं था.'
दबाव में आकर करनी पड़ी शादी
रोबिना का जन्म केन्या के किबोला में हुआ था. पिता ने ही पाल पोसकर बड़ा किया. वो काफी अमीर थे. जो मांगा वो मिलता था. लेकिन प्यार और देखभाल नहीं मिली. पिता के दबाव में आकर शादी करनी पड़ी. जिससे की गई उसकी आदतें बुरी थीं. शुरुआत में वो संत जैसा शांत लगा और हर वक्त काफी ध्यान भी रखता था. लेकिन बाद में वो काफी हिंसक हो गया. एक दिन उसने तब तक मारा जब तक शरीर से खून नहीं निकलने लगा. शरीर पर मारपीट के निशान आज भी मौजूद हैं. जिन्हें रोबिना डॉक्यूमेंट्री में कैमरे के आगे दिखाती हैं.
रोबिना कहती हैं कि जब वो बच्चों के लिए खाना बना रही थीं, तब पति ने चाकू मारकर उन्हें जख्मी कर दिया. कभी एक पेड़ के तिनके ने भी उन्हें चोट नहीं पहुंचाई. जो भी चोट और दर्द मिला, वो पति का ही दिया हुआ था. वो 18 साल तक सब सहती रहीं. लेकिन चीजें बदतर होती जा रही थीं. वो संपत्ति बेचने लगा और कभी पैसा घर लेकर नहीं आता था. रोबिना ने पति के आगे भीख मांगी कि संपत्ति और पालतू जीवों को बेचना बंद करे क्योंकि बच्चों की देखभाल करनी थी. लेकिन पति कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था. वो दिन रात पीटता. कोई मदद के लिए नहीं आता.
पति ने अधमरा होने तक पीटा
वो आगे कहती हैं कि पति ने मुर्गी, सूअर और अन्य मवेशियों को बेच दिया था. वो सारा पैसा बीयर पर खर्च कर देता था. जबकि रोबिना घर पर अपने बच्चों के साथ भूखी रहती थीं. एक दिन पति ने 80 फीसदी तक संपत्ति बेचने का फैसला लिया. लेकिन रोबिना ने इसका विरोध किया. वो फिर से उन्हें पीटने लगा, उसने तब तक मारा, जब तक रोबिना अधमरी नहीं हो गईं. अब वो अपनी जिंदगी को लेकर डरने लगी थीं.
अब रोबिना ने पिता के वापस जाने का फैसला लिया. लेकिन उन्हें पिता का साथ नहीं मिला. वो बच्चों के लिए घर लौट आईं. इस बार भी पति ने बुरी तरह पीटा. एक दिन वो रोबिना को मारने के मकसद से रात के वक्त घर पर कुल्हाड़ी लेकर आया. दोनों के बीच अंधेरे में काफी लड़ाई हुई. रोबिना घर से भागने की कोशिश कर रही थीं. लेकिन पति जाने नहीं दे रहा था. वो सिर पर कुल्हाड़ी मारने वाला था. रोबिना ने कुल्हाड़ी छीनने की कोशिश की. लेकिन वो किसी तरह पति के सिर पर लग गई. फिर खून बहने लगा.
इसके बाद रोबिना घर से बाहर निकलने में कामियाब हुईं, पति पीछे आने की कोशिश में था. बाद में कुछ लोग घरे आए और पति को जमीन पर पड़े देखा. रोबिना बाहर थीं, उन्हें ये बताया गया तो वो समझ गईं कि उनके पति की मौत हो गई है. घर पर मौजूद लोग रोबिना को वहीं मार देना चाहते थे, तभी पति के छोटे भाई ने बीच में आकर बचा लिया.
जेल में शुरू हुई जिंदगी
अब रोबिना को कोर्ट ले जाया गया और यहीं से जेल की सलाखों के पीछे की उनकी जिंदगी शुरू हुई. जेल में जाकर उन्हें मालूम हुआ कि वो गर्भवती हैं. यहीं उन्होंने अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया. वो जेल से ही मौत की सजा के खिलाफ लड़ रही थीं, जबकि बच्चे को थोड़ा बड़ा होने पर बाहर भेज दिया गया. वो बिना किसी अदालती सुनवाई के 4 साल तक जेल में रहीं. इसके बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई गई. उन्हें स्टेज 4 का सत्न कैंसर था. डॉक्टरों ने इसका इलाज किया.
उनके जेल में रहने के दौरान ही उनके पिता और पांचवें बच्चे की मौत हो गई. वो इनमें से किसी को दफना नहीं पाईं. जज ने कुछ मामलों को देखा और रोबिना की सजा को कम करके 24 साल कर दिया. तब तक वो मौत की सजा के इंतजार में जेल में ही 16 साल बिता चुकी थीं.
आज किस हालत में हैं रोबिना?
रोबिना को जेल से छूटे तीन साल हो गए हैं. उन्हें किसी का साथ नहीं मिल रहा. न परिवार, न दोस्त और न ही पड़ोसियों का. उनके बच्चे भी उनसे मिलना नहीं चाहते. पड़ोसी उनसे डरते हैं. बच्चे नफरत करते हैं. रोबिना का कहना है कि वो बूढ़ी हो गई हैं और उन्हें ढंग का कोई काम नहीं मिलता. वो लोगों के कपड़े धोती हैं. इससे काफी कम पैसा मिलता है. मगर उनके सामने अब ऐसी जिंदगी जीने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.