मध्य प्रदेश के मंडला जिले में बुधवार सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में 14-14 लाख रुपए की इनामी दो महिला नक्सली मारी गईं. मौके से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक साधारण राइफल, एक वायरलेस सेट और कुछ दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं. अन्य नक्सलियों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने बताया कि जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. इस दौरान दो कुख्यात महिला नक्सली मारी गई हैं, जो माओवादियों के एमएमसी (मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) जोन के केबी (कान्हा भोरमदेव) डिवीजन के भोरमदेव एरिया कमेटी की सदस्य थीं.
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के मुंडीदादर-गनेरीदादर-परसाटोला वन क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया. माओवादियों ने सुरक्षा बलों को हताहत करने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो वर्दीधारी महिला माओवादी मारी गईं.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान एसीएम (एरिया कमेटी सदस्य) ममता उर्फ रमाबाई के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के करोची थाना अंतर्गत मुरकुडी की निवासी थी. इसके साथ ही केबी डिवीजन के एसजेडसीएम राकेश ओडी की पत्नी थी. उसके पास से एक राइफल बरामद हुई.
दूसरी नक्सली की पहचान एसीएम प्रमिला उर्फ मासे मंडावी, भोरमदेव एरिया कमेटी के रूप में हुई है. वो छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के चिंतलनार थाना अंतर्गत पालीगुधेम की रहने वाली थी. उसके पास से एक एसएलआर बरामद की गई है. राज्य में यह पहली बार है कि डेढ़ महीने में दो मुठभेड़ों में छह माओवादी मारे गए हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दोनों नक्सलियों पर 14-14 लाख रुपए का इनाम था. उन्होंने कहा, "मैं सुरक्षा बलों को उनकी बहादुरी और साहस के लिए बधाई देता हूं. यह सफलता निश्चित रूप से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक भारत को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प को गति प्रदान करेगी. देश और मध्य प्रदेश बहुत जल्द आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त होने वाला है.