राजस्थान के उदयपुर अहमदाबाद रेलवे ट्रैक पर जिस जगह पर ब्लास्ट हुआ था, वहां से होकर कुछ घंटे में पैसेंजर ट्रेने गुजरने वाली थी. लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता की वजह से डूंगरपुर में ही ट्रेन को रोक दिया गया. अगर ट्रेन इस टूटी हुई पटरी से होकर गुजरती तो बड़ा हादसा हो सकता था. अहमदाबाद से उदयपुर जाने वाली इस ट्रेन में 650 लोग सवार थे.
बता दें कि ये हादसा ओढ़ा ब्रिज पर हुआ जो कि केवड़ा की नाल के नजदीक आता है. ये इलाका उदयपुर के जवार माइंस पुलिस स्टेशन के तहत पड़ता है. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की सतर्कता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया. पुलिस के अनुसार रेल पटरी में विस्फोट को अंजाम देने के लिए सुपरपावर 90 डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गयाा था. लेकिन सजग स्थानीय लोगों की वजह से ये मामला पुलिस के संज्ञान में आया और हादसा होने से टल गया.
पुलिस के अनुसार ये ब्लास्ट उदयपुर से 35 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है. ब्लास्ट शनिवार शाम को रात 7 से सवा 7 बजे के बीच हुआ. लेकिन रात और ग्रामीण इलाका होने की वजह से स्थानीय लोग घर से बाहर नहीं निकले. रविवार तड़के कई ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें ब्रिज पर रेल की पटरी टूटी हुई दिखाई दी.
ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना डूंगरपुर में रेलवे अधिकारियों को दी. इसके बाद असवारा उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन को डूंगरपुर में ही रोक दिया गया. इस ट्रेन में 650 लोग सवार थे. अगर गांव के लोग अलर्ट न होते तो अनहोनी हो सकती है. बता दें कि इस रूट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को किया था.
फिलहाल राजस्थान पुलिस ने इस घटना को आतंकी कार्रवाई बताया है और जांच शुरू कर दी है. राजस्थान ATS के अलावा, एनआईए और एनएसजी की टीम भी घटना की जांच कर रही है. पटरी पर हुए धमाके की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ घंटों तक ठप रही. पटरी की मरम्मत के बाद इस रूट पर आज एक मालगाड़ी को चलाया गया.