scorecardresearch
 

UP: पैसों के विवाद में मामा ने की भांजे की हत्या, शव रखकर सैकड़ों ग्रामीणों ने घेरा SP ऑफिस

रायबरेली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों की तादात में शव लेकर आए ग्रामीणों ने पुलिस कार्यालय को घेर लिया. यही नहीं उन्होंने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. दरअसल, लेन-देन के विवाद में सगे मामा ने साथियों के साथ मिलकर अपने ही भांजे को मार डाला. 

Advertisement
X
ग्रामीणों ने शव को लेकर थाने को घेरा.
ग्रामीणों ने शव को लेकर थाने को घेरा.

रायबरेली के हरचंदपुर के सोहाईबाग के रहने वाले अभय सिंह की मौत के बाद आक्रोशित परिवारजनों ने एसपी ऑफिस में शव रखकर किया हंगामा किया. पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. गुरुबक्शगंज के मलिकमऊ चौबारा कृषि वानिकी में तीन फरवरी की शाम जानलेवा हमले में घायल युवक की रविवार को लखनऊ ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई. 

Advertisement

मृतक के मामा सहित चार लोगों पर रुपयों के लेनदेन में हत्या किए जाने की एफआइआर दर्ज की गई है. हत्यारोपितों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिवारीजन और ग्रामीण सोमवार को युवक का शव लेकर एसपी आफिस पहुंच गए और जमकर हंगामा किया. सीओ लालगंज महिपाल पाठक के समझाने पर वे वापस लौटे.

सीओ के कहने पर ग्रामीणों ने घेराव बंद किया.

पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद, फिर किया हमला  

हरचंदपुर के सोहाईबाग का रहने वाला अभय प्रताप सिंह शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अपने घर से कृषि वानिकी सहकारी समिति मलिकमऊ चौबारा के लिए निकला था. वहां पहले से चकसुंडा गांव के रहने वाले अभय के मामा राजकुमार सिंह और शशांक सिंह, बड़ा पूरा के दीपक सिंह और मलिकमऊ चौबारा के कमलाकांत सिंह उर्फ मोनू मौजूद थे. 

इन लोगों के बीच लकड़ी कटान में मिले पैसाें के बंटवारे को लेकर बातचीत हो रही थी. आरोप है कि विवाद होने पर राजकुमार सिंह, शशांक, दीपक अैर कमलाकांत ने मिलकर अभय को जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया. अभय के मरणासन्न होने पर आरोपित वहां से भाग निकले. 

Advertisement

लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान हुई पीड़ित की मौत 

अभय को गंभीर हालात में जिला अस्पताल लाया गया. हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया. वहां रविवार शाम को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. रात में ही उसका शव सोहाईबाग लाया गया. उसके घर वाले तहरीर लेकर गुरुबक्शगंज थाने पहुंचे, लेकिन एफआईआर लिखने में काफी वक्त लगा दिया गया. 

इसी बात को लेकर परिवारीजन आक्रोशित हो गए. इसके बाद सोमवार को अभय का शव लेकर एसपी आफिस पहुंच गए. उन्होंने पुलिस पर हत्यारोपितों की गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया है.

एकलौते बेटे की हत्या हुई, हमें इंसाफ चाहिए- मृतक के पिता 

मृतक अभय सिंह के पिता अजय सिंह ने बताया कि मलिक मऊ चौबारा में जंगल दो तीन सौ बीघे का है. उसी में चार लोग शशांक सिंह, कमलाकांत सिंह, राजकुमार सिंह और दीपक सिंह कटान लगाए हुए थे. इन लोगों ने शशांक सिंह के साथ बेईमानी की, उसके बाद हमारे लड़के को बुलाया. वहां से मेरे बेटे ने घर पर अपनी मां को फोन किया हम यहां हिसाब-किताब कर रहे हैं.

मगर, शाम को हमको फोन आया कि अभय अचेत हालत में सड़क पर पड़ा है. उसके सिर के पीछे की तरफ किसी वजनदार चीज से हिट किया गया है. बाकी शरीर पर कहीं भी चोट का कोई निशान नहीं है. उसकी हत्या की गई है. हमारा अकेला लड़का था. हत्यारोपियों की गिरफ्तार की जाए. वारदात में हमारे एक साले राजकुमार सिंह भी शामिल हैं, जो मुख्य आरोपी हैं. 

Advertisement

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी हैं टीमें 

अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.

हालांकि, पूरे मामले में एक तस्वीर और सामने निकलकर आई है कि मृतक युवक के साथ-साथ आरोपी मामा और दोनों अन्य अभियुक्तों के भी पुलिस थानों में अलग-अलग मामले चल रहे हैं. मृतक के ऊपर हरचंदपुर थाने में तीन और आरोपी मामा के खिलाफ 8 मुकदमे दर्ज हैं.  

बजरंग दल के कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या

Advertisement
Advertisement