पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. यूपी सरकार अतीक अहमद को हर तरफ से घेरने में लगी हुई है. इसी के चलते प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) चकिया में मौजूद अतीक अहमद के आवास पर सरकारी बुलडोजर चलवाने की तैयारी में है. प्राधिकरण का आरोप है कि उनके भवन का नक्शा पास नहीं है.
इस कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी मंगलवार की सुबह से शुरु हो गई. चकिया में अतीक अहमद के आवास पर कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाई गई है. इसी दौरान पीडीए के जोनल अधिकारी और जेसीबी मशीनें भी मौके पर पहुंच गई हैं. इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.
आपको बताते चलें कि अब तक बाहुबली अतीक अहमद की 300 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क और ध्वस्त हो चुकी है. इससे पहले अतीक के भाई अशरफ के साले मोहम्मद जैद के करोड़ों के मकान पर पीडीए (प्रयागराज विकास प्राधिकरण) ने बुलडोजर चलवा दिया था. यह मकान पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के सल्लाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के हटवा में था. जैद के मकान से ही अतीक के भाई अशरफ की गिरफ्तारी हुई थी.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बाहुबली विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी और पूर्व सांसद अतीक अहमद सहित कई माफियाओं पर कार्रवाई की है. यूपी सरकार ने इन कुख्यात माफियाओं की अवैध संपत्ति या तो जब्त कर ली है या फिर इनके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया है.
उत्तर प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई से माफियाओं और गैंगस्टर्स में हड़कंप मचा है. चाहे वह मुख्तार अंसारी हो या फिर अतीक अहमद या फिर समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान. सब के ऊपर योगी सरकार का शिकंजा कसता ही जा रहा है.
इससे पहले अतीक अहमद की करोड़ों की दर्जनों प्रॉपर्टी कुर्क और कई अवैध व बेनामी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है. वहीं दो दिन पहले प्रयागराज में बाहुबली अतीक अहमद के एक और करीबी की संपत्ति सीज करने की कार्रवाई की गई है.
यह कार्रवाई बाहुबली अतीक अहमद गैंग आईएस-227 के सदस्य और बिजनेस पार्टनर हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद अब्बास खान की सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग पर स्थित मैक टावर के खिलाफ की गई है. प्रयागराज विकास प्राधिकारण ने मैक टावर पर नोटिस चस्पा कर सभी दुकानों समेत पूरे टावर को ही सील कर दिया है.
प्रयागराज विकास प्राधिकारण ने मैक टावर को सील करने की कार्रवाई स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण कराये जाने को लेकर की है. विकास प्राधिकारण के जोनल अधिकारी सत शुक्ला के मुताबिक मैक टावर की तीसरी मंजिल पर अवैध निर्माण किया गया था. इसे ध्वस्त करने के लिए 16 मई 2006 को पहले भी नोटिस जारी हुआ था.
इसके अनुपालन में मैक टावर की तीसरी मंजिल का अवैध निर्माण 24 जून 2007 को ध्वस्त भी करा दिया गया था. लेकिन बाद में दोबारा अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करा लिया गया है. इसके साथ ही विकास प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक मैक टावर में ओपेन एरिया न छोड़े जाने को लेकर भी कार्रवाई की गई थी.