उत्तर प्रदेश के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से मोहाली कोर्ट में जिस एंबुलेंस के जरिए लाया गया था, उसका रजिस्ट्रेशन और उसकी बिक्री करने वाले ऑटो डीलर का व्यवसायिक प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया है. पुलिस ने इस केस में गुरुवार को 6 अन्य आरोपियों के नाम चिन्हित किए हैं, जिनकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है.
मुख्तार अंसारी फिलहाल यूपी की बांदा जेल में बंद है. एआरटीओ ने 2 अप्रैल को एंबुलेंस के फर्जी रजिस्ट्रेशन का केस दर्ज कराया था. केस सामने आने के बाद पुलिस टीम ने पंजाब से 5 अप्रैल को एंबुलेंस बरामद की थी. एआरटीओ पंकज सिंह ने एंबुलेंस के फर्जी रजिस्ट्रेशन का केस कोतवाली नगर में खुद दर्ज कराया था.
मामला उजागर होने के बाद पुलिस टीम ने पंजाब से 5 अप्रैल को एंबुलेंस बरामद की थी. एआरटीओ ने इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है. यह एंबुलेंस कोतवाली नगर के पल्हरी क्षेत्र स्थित एमजीएस ऑटो फेब प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक डीलिंग कंपनी से 9 दिसंबर 2013 को खरीदी गई थी. इस एंबुलेंस को 21 दिसंबर 2013 को फर्जी पते पर रजिस्टर कराया गया था. एआरटीओ ने वाहन डीलर का व्यवसायिक प्रमाण पत्र भी निरस्त किया है.
एम्बुलेंस केसः मुख्तार अंसारी की दलील- किसी के फर्जी बयान देने से मुझे आरोपी नहीं बनाया जा सकता
एंबुलेंस केस में मुख्तार समेत 13 आरोपी
बहुचर्चित एंबुलेंस कांड में पुलिस फर्जी रजिस्ट्रेशन के मुकदमे में माफिया मुख्तार अंसारी समेत 7 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. अब पुलिस ने इसी मुकदमे में 6 अन्य लोगों को सहयोग करने के नाम पर चिन्हित कर लिया है, जिसके बाद अब आरोपियों की संख्या 13 हो गई है.
एंबुलेंस ड्राइवर भी गिरफ्तार
पुलिस जल्द इन आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है. फरार नए आरोपियों में मोहम्मद जाफरी उर्फ शाहिद, सुरेंद्र शर्मा और अफरोज जैसे नाम प्रमुख हैं. पुलिस पहले ही अल्का राय, शेषनाथ राय, मोहम्मद सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव और आनंद यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
वहीं एंबुलेंस ड्राइवर सलीम भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है. एआरटीओ पंकज सिंह ने एंबुलेंस प्रकारण में एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश दिया है. उन्होंने बताया कि एंबुलेंस का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है.
एआरटीओ ने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर किया काम!
मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन का कहना है कि एंबुलेंस का मुख्तार अंसारी से कोई लेना-देना नहीं है. यह मऊ के संजीवनी अस्पताल की एंबुलेंस है. यह डॉक्टर अलका राय के नाम से रजिस्टर्ड है. मोटर व्हिकल एक्ट के तहत एआरटीओ को मोटर का रजिस्ट्रेशन करने का ही अधिकार था. लेकिन उन्होंने जो केस नगर कोतवाली में दर्ज कराया है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की 419, 420 समेत अन्य संगीन धाराएं लगाई गई हैं, वह गलत है. केस उन्होंने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर दर्ज कराया है.