
यूपी के लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाने और हिंसा के मामले में पुलिस ने 5000 पन्नों की चार्जशीट फाइल की है. इस चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि लखीमपुर हिंसा के दौरान मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के असलहों से फायरिंग की गई थी.
चार्जशीट के मुताबिक लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के बाद आशीष मिश्रा की रिवाल्वर और राइफल से फायरिंग भी की गई थी. आशीष के साथ ही अंकित दास की रिवाल्वर और लतीफ उर्फ काले की रिपीटर गन से भी फायरिंग की गई थी.
पुलिस की चार्जशीट में आशीष मिश्रा और अंकित दास के लाइसेंसी असलहा से फायरिंग की पुष्टि हुई है. हालांकि आशीष मिश्रा ने कहा था कि 1 साल से उसके असलहों से कोई फायर नहीं किया गया है. पुलिस ने बैलेस्टिक रिपोर्ट के आधार पर फायरिंग की पुष्टि की है.
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क्या हुआ था 3 अक्टूबर 2021 को
उस दिन लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में एक कुश्ती का कार्यक्रम था. जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को आना था. कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान उप मुख्यमंत्री मौर्य और गृह राज्यमंत्री टेनी का विरोध करने के लिए शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे. वे काले झंडे भी दिखा रहे थे.
बताया जाता है कि उसी दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की झड़प हुई. फिर किसान आगे बढ़ गए. इसी दौरान जब किसान तिकुनिया इलाके में पहुंचे. तभी पीछे से तेज गति से आई गाड़ी ने किसानों को कुचल डाला. जिसका आरोप बीजेपी नेता आशीष मिश्रा पर लगा. इसके बाद वहां भारी बवाल और हंगामा हुआ.
इसी हंगामे के दौरान वहां फायरिंग भी हुई. गाड़ी ने किसानों को बेरहमी से कुचला था. लिहाजा इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई और कई किसान बुरी तरह घायल हो गए. इस घटना से गुस्साए लोगों ने वहां तीन गाड़ियों में आग लगा दी. जमकर बवाल हुआ. आरोपी वहां से भाग निकले. मगर चालक किसानों के हत्थे चढ़ गया.
इस घटना से बीजेपी सरकार की जमकर किरकिरी हुई. हालात बिगड़ते देख मुख्यमंत्री यागी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए. उधर, आरोपी आशीष मिश्रा फरार हो गया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ने लगी. यूपी पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगे. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया.
लेकिन पुलिस आरोपी आशीष मिश्रा को पकड़ नहीं सकी. उसने खुद कुछ दिन बाद सरेंडर कर दिया. इस मामले में 11 आरोपी बनाए गए. तभी से इस मामले की जांच चल रही थी. जिसकी चार्जशीट अब दाखिल की गई है. जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष को मुख्य आरोपी बनाया गया है.
चार्जशीट नहीं मिली है, देखते हैं क्या पहलू है
आशीष मिश्र के वकील अवधेश सिंह ने कहा कि अभी चार्जशीट नहीं मिली है. जब यह मिल जाएगी तो देखेंगे कि क्या पहलू है. जेल में निरूद्ध सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. इसमें वीरेंद्र शुक्ला का नाम आया है. संभवतः जो स्कॉर्पियों वहां मौजूद थी, वह उनकी ही बताई गई है. लेकिन उसके पंजीकृत स्वामी वीरेंद्र शुक्ल नहीं है, उस स्कार्पियो को वीरेंद्र सिर्फ इस्तेमाल करते थे.
पहले सबूत नहीं थे, तो अब कहां से आए
उन्होंने कहा कि जो चार्जशीट फाइल की गई है वो गलत है. अभी तक आशीष मिश्र के खिलाफ कोई सुबूत नही थे, लेकिन अब कैसे सुबूत ले आए हैं. उनको परखना होगा. वकील अवधेश सिंह ने कहा कि मैं आशीष मिश्र की तरफ से कहता हूं कि कोई सुबूत नही हैं. सारे सबूत फर्जी हैं. ग़लत तथ्य पर चार्जशीट फाइल की गई है, हम इसे आगे चैलेंज करेंगे.