उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गोतस्करों पर सख्त है. लेकिन कानून के रखवाले की इस मामले में एंट्री ने पुलिस को मुश्किलों में डाल दिया है. देवरिया पुलिस ने गोतस्करी मामले में यूपी पुलिस के एक सिपाही को उसके 10 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब गोवंश से लदे दो ट्रक यूपी से बिहार की सीमा में प्रवेश कराये जा रहे थे. आरोपी दानों ट्रकों के आगे स्कॉर्पियो कार से थे. आरोपी सिपाही का नाम दीपनारायण पासवान है.
देवरिया के मईल थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार को सूचना मिली थी कि जौनपुर से गोवंश बिहार जा रहा है. मुखबिर की सूचना पर घेराबन्दी की गई, तो मामला सही निकला. दो ट्रक में 53 गाय-बैल ठूस-ठूसकर भरे गए थे. एक स्कार्पियो गाड़ी आगे चल रही थी, जो ट्रक की पायलेटिंग कर उसे आगे रास्ता सुरक्षित कर बढ़ती जा रही थी. कुन्दौली में पुलिस ने स्कॉर्पियों कार सवारों के साथ दोनों ट्रक को रोक लिया. ट्रक में कुछ जानवर मृत मिले. पुलिस ने इस दौरान 10 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें से एक यूपी पुलिस का सिपाही निकला.
आरोपी सिपाही का नाम दीपनारायण पासवान बताया गया, जो कि बलिया के उभाव थाने में तैनात था. बताया गया है कि बलिया एसपी ने उसे लाइन हाजिर कर दिया था. वहीं इस मामले में यूपी पुलिस के सिपाही के शामिल होने की खबर से अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गईं.
देर रात तक एडिशनल एसपी बलिया और देवरिया के एडिशनल एसपी शिष्यपाल सिंह मईल थाने में जमे रहे. सिपाही समेत सभी आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
मामले की जानकारी देते हुए एसपी डॉ. श्रीपति मिश्रा ने बताया कि थानाध्यक्ष मईल को जानकारी मिली थी कि ट्रक में लदे गोवंश उनकी सीमा से लाए जा रहे हैं. सूचना के बाद पुलिस ने दो ट्रक और एक स्कॉर्पियो कार को चेकिंग के लिए रुकवाया. ट्रक में गोवंश था और स्कॉर्पियो कार में बैठे आरोपी दोनों ट्रक की पायलेटिंग करते हुए चल रहे थे. गोवंश जौनपुर से मुजफ्फरपुर ले जाया जा रहा था. इस मामले में एक सिपाही को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि गोवंश को सुरक्षित तरीके से गोशाला भेज दिया गया है.
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