उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के गांवों में कोरोना की जांच और वैक्सीनेशन के लिये जा रही स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ ग्रामीणों की बदसलूकी और विरोध बढ़ता ही जा रहा है. यहां लोग स्वास्थ्य टीमों को जांच करने से रोक रहे हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं.
सोमवार को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के धौहल व कुपरा गांव में कोरोना की जांच करने गई स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम के साथ ग्रामीणों ने जमकर बदसलूकी की और उन्हें गांव से भगा दिया. जबकि ग्रामीण इलाकों में बड़ी तादाद में लोगों की संदिग्ध मौतों का सिलसिला लगातार जारी है. बावजूद इसके ग्रामीण जांच करवाने को राजी नहीं हैं.
इससे पहले रविवार को भी कई गांवों में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य टीमों के साथ बदसलूकी कर उनको बिना जांच के ही गांवों से भगा दिया था. ग्रामीणों द्वारा की जा रही स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ बदसलूकी पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बजाय हमीरपुर जिले के सीएमओ गोलमोल जवाब दे रहे हैं.
एक दिन पहले भी स्वास्थ्य विभाग की रिस्पॉस टीम को ग्रामीणों ने भटपुरा और भैसा पाली गांवों से भगा दिया था. इस स्वास्थ्य टीम के कर्मी डॉक्टर रतनलाल, एल. ए. अभय यादव, सी. एच. ओ. बृज बिहारी धौहल व कुपरा गांव में कोरोना सैंपलिंग करने गए थे. दोनों गांव के ग्रामीणों ने टीम के साथ बदसलूकी की. इतना ही नहीं जांच कराने से इनकार करते हुए इन लोगों को गांव से भगा दिया गया.
धौहल गांव के ग्रामीणों का आरोप था कि बुखार व अन्य बीमारियों से गांव में अब तक तेरह बुजुर्गों की मौत हो गई है. तब टीम क्यों नहीं आई अब यहां किसी को जांच नहीं करानी है. गांव के लोग पूर्ण स्वास्थ्य है. कुपरा में भी ग्रामीणों द्वारा गांव में कोई बीमारी ना होने की बात कहते हुए जांच कराने से इनकार कर दिया और टीम को गांव से भगा दिया. स्वास्थ्यकर्मियों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दे दी है और कोरोना की जांच में अवरोध पैदा करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है.