कोरोना काल में फर्जी पुलिसवाला बनकर लोगों को चूना लगा रहे शख्स को असली पुलिस ने धर दबोचा है. हैरानी की बात यह है कि लोगों को ठग रहा यह शख्स पूर्व सैनिक है. उत्तर प्रदेश के बरेली में यह शख्स दरोगा बनकर लोगों को लूट रहा था. यह बिना मास्क की चेकिंग करके वाहन चालकों और दुकानदारों से 500-500 रुपये फाइन के रूप में ले लेता. लोग उसे असली पुलिस समझकर जुर्माना दे भी देते थे.
ठग के पास एक कार भी थी, जिस पर उसने नीली बत्ती लगाई हुई थी और भारत सरकार (रक्षा मंत्रालय) भी लिखवाया हुआ था. हद तो तब हो गई, जब पता चला कि वह कार भी चोरी की थी.
लखन पहले फौजी था, देश की सेवा करता था. फिर उसने सेना से रिटायरमेंट लेकर गलत सोहबत में अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर पैसे कमाने की हवस ने उसे चोर और फर्जी दरोगा बना दिया.
लखन बरेली के थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में डोहरा रोड पर ब्रेजा कार में नीली बत्ती और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बिना मास्क लगाए वाहन चालकों और दुकानदारों से 500-500 वसूल करता था.
होमगार्ड्स से कहा - मुझे ऊपर से भेजा गया है
रिटायर्ड फौजी लखन सिंह थाना पाली, जिला अलीगढ़ का निवासी है. एक बार एक होमगार्ड ने उससे पूछा कि वह यहां क्या कर रहा है. तो उसने कहा कि तुम लोग सही से काम करते हो या नहीं यह चेक करने मुझे ऊपर से भेजा गया है. एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि 19 जून 2021 को उनके पास आसपास के गांववालों की शिकायत आई थी. फिर पुलिस ने जांच पड़ताल करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि लखन सिंह अलीगढ़ का निवासी है, फिलहाल वह बरेली में रह रहा है. उससे बरामद हुई ब्रेजा कार भी चोरी की है जो कि गौतमबुद्धनगर से चोरी की गई थी. फिलहाल पूछताछ जारी है. इसमें यह देखा जा रहा है कि क्या उसके साथ कोई और भी इस गिरोह में शामिल है. क्या उसने कहीं और भी ऐसी वारदात की थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है.