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झारखंड: पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हंगामा, गुस्साए लोगों ने थाने पर किया पथराव

झारखंड के साहिबगंज जिले में तालझारी पुलिस ने लूट के एक मामले में नामजद अभियुक्त देबू तुरी को हिरासत में लिया था. पुलिस कस्टडी में अचानक देबू तुरी की तबियत बिगड़ गई. आरोपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालझारी में भर्ती कराया गया.

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गुस्साए ग्रामीणों ने थाने में की तोड़फोड़
गुस्साए ग्रामीणों ने थाने में की तोड़फोड़
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साहिबगंज में पुलिस कस्टडी में मौत पर हंगामा
  • गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस थाने पर बोला हमला
  • पुलिस ने किया लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़े

झारखंड के साहिबगंज जिले के तालझारी में एक व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा है. घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ. गुस्साए ग्रामीणों ने पहले सड़क जाम कर दी. फिर थाने में जाकर पथराव किया और तोड़फोड़ की. लोग थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

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भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. लगभग 2 घंटे तक थाना परिसर जंग का मैदान बना रहा. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया. इस पूरे घटनाक्रम में 2 जवान घायल हो गए. जबकि, आधा दर्जन ग्रामीणों को भी चोट आई है.

पुलिस कस्टडी में बिगड़ी आरोपी की तबियत

दरअसल, तालझारी पुलिस ने लूट के एक मामले में नामजद अभियुक्त देबु तुरी को हिरासत में लिया था. झरना टोला स्थित होंडा शोरूम में बीते रविवार को करीब तीन लाख  की लूट हुई थी. मामले में देबू तुरी सहित दो आरोपी को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था. पुलिस कस्टडी में अचानक देबू तुरी की तबियत बिगड़ गई. आरोपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालझारी में भर्ती कराया गया. लेकिन स्थिति को देखते हुए साहिबगंज अस्पताल रैफर कर दिया गया. साहिबगंज अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपी की मौत हो गई.

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मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने की थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग.
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने की थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग.

मृतक के परिजन लगा रहे आरोप

अब मृतक के परिजन पुलिस पर देबू को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं. इस संबंध में देबू तुरी के बेटे मोनू ने बताया कि उसके पिता को 4 दिन पूर्व तालझारी पुलिस ने कस्टडी में लिया था पूछताछ के दौरान उन्हें बुरी तरह मारा गया. नियमानुसार पुलिस हिरासत में लेने के 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया और गुरुवार को उनकी मौत हो गई.

वहीं, इस संबंध में राजमहल एसडीपीओ के नेतृत्व में परिजनों से बातचीत की जा रही है. पुलिस पदाधिकारियों ने भी परिजनों का आश्वासन दिलाया है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की जाएगी. और जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

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