कोलकाता में फर्जी तरीके से टीकाकरण कैंप आयोजित कराने के मामले में गिरफ्तार किए गए फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देब को लेकर जांच में कई नए खुलासे हो रहे हैं. आरोपी देबांजन की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वो फाइबर लाठी से लोगों को पीटता हुआ दिखाई दे रहा है.
जानकारी के मुताबिक देबांजन देब फर्जी आईएएस बनकर छापेमारी भी किया करता था. इसी दौरान उसने एक पेट्रोल पंप पर भी छापेमारी की थी. जहां उसने फाइबर लाठी से स्टाफ की पिटाई भी कर दी थी.
फर्जी आईएएस देबांजन देब बिल्कुल ऐसी फाइबर लाठी का इस्तेमाल करता था, जैसी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान इस्तेमाल करते हैं. देबांजन की जो तस्वीरें लाठी के साथ सामने आई हैं, वो इसी साल एक पेट्रोल पंप पर फर्जी छापेमारी की बताई जा रही हैं.
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बताते चलें कि कोलकाता में फर्जी तरीके से टीकाकरण कैंप आयोजित कराने को लेकर फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देब समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में देबांजन देब के ऑफिस में काम करने वाले स्टाफ और पुराने स्टाफ से पूछताछ की जा रही है. इस तरह के 10 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
कुछ लोगों से पूछताछ अभी भी चल रही है. इसके अलावा और भी कई लोगों को क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए बुलाया गया है. देब ने फेक ईमेल अकाउंट भी बनाए थे. उसने एक अकाउंट deputymanager@kmcgov.org नाम से भी बनाया था. हालांकि देबांजन देब ने सिर्फ दो कैंप लगाने की बात मानी है. एक सिटी कॉलेज में और दूसरा कस्बा स्थित उसके ऑफिस में.
पुलिस को अब तक उसके आठ बैंक अकाउंट्स की जानकारी मिली है. इनमें से एक बैंक अकाउंट देब की कंपनी M/S WBFINCORP के नाम से था. इसी बैंक अकाउंट से वह अपने स्टाफ को सैलरी दिया करता था.
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बता दें कि देबांजन देब ने फेक वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया था. तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और बंगाली फिल्म एक्ट्रेस मिमी चक्रवर्ती भी इस फ्रॉड वैक्सीनेशन का शिकार बन गई थीं. इतना ही नहीं उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी.