राजस्थान के दौसा जिले में हनीट्रैप के मामले में एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सुमन मिश्रा नाम की यह महिला पहले लोगों से दोस्ती करती थी. बाद में उन पर रेप का झूठा केस दर्ज कराने के नाम पर ब्लैकमेलिंग करके उनसे लाखों रुपये ऐंठती थी. हाल ही में सुमन ने एक व्यक्ति को दुष्कर्म के केस में फंसाने के नाम पर उससे 10 लाख रुपये की डिमांड की थी.
रविवार को पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि सुमन इस शख्स से 10 लाख रुपये की डिमांड कर रही थी. जबकि 1.5 लाख रुपये वह पहले ही इस शख्स से ऐंठ चुकी थी.
सुमन इस तरह के पांच झूठे मामले जयपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज करवा चुकी है. जिसके खिलाफ जयपुर के कई थानों में ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं.
कोतवाली थाना के एसएचओ लाल सिंह ने बताया कि सुमन के खिलाफ अक्टूबर 2020 में एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी. जिसमें इस ब्लैकमेलिंग के बारे में बताया गया था. उसी के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमन को गिरफ्तार किया है. और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
जयपुर में हनी ट्रैप का शिकार हुआ LDC
इससे पहले भी जयपुर से ऐसा ही हनीट्रैप एक मामला सामने आया था, जिसमें महिला को तीन लाख रुपये लेते हुए पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ़्तार किया है. पुलिस थाने में एक LDC ने विवेक शर्मा और उसकी पत्नी प्रिया शर्मा के खिलाफ ब्लैकमेल कर पैसे मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पैसे का सौदा करवाने वाले दलाल शिवराम मीणा को भी गिरफ्तार किया.
एडिशनल SP धर्मेंद्र सागर ने बताया कि दाखवा कराने वाला पीड़ित व्यक्ति गोदी में एक साल पहले ही LDC नियुक्त हुआ था और वह जिस मकान में रहता था, वहीं पर ब्लैकमेलिंग करने वाले दम्पती भी रहते थे. इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई और फिर महिला ने उस पर रेप का झूठा आरोप लगाकर बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू किया. आरोपी पति-पत्नी LDC से पुलिस में मुकदमा करने की धमकी देकर 20 लाख रुपये मांग रहे थे.