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ओडिशा में हत्यारी मां को उम्रकैद, इस वजह से अपने मासूम बेटे को मार डाला

ओडिशा के गंजम जिले की एक अदालत ने मंगलवार को 38 वर्षीय एक महिला को अपने बेटे की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपश्री चौधरी ने 15 गवाहों के बयान दर्ज करने और संबंधित सबूतों की पुष्टि करने के बाद इस सजा का ऐलान किया है.

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महिला को अपने बेटे की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा.
महिला को अपने बेटे की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा.

ओडिशा के गंजम जिले की एक अदालत ने मंगलवार को 38 वर्षीय एक महिला को अपने बेटे की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपश्री चौधरी ने 15 गवाहों के बयान दर्ज करने और संबंधित सबूतों की पुष्टि करने के बाद इस सजा का ऐलान किया है. अपने ही बेटे की हत्या की दोषी महिला की पहचान बिजीपुर निवासी एस गंगसम्मा के रूप में हुई है. 

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सरकारी वकील त्रिलोचन परिदा ने बताया कि हत्या की ये वारदात 27 अक्टूबर, 2023 को हुई थी. एस गंगसम्मा और उसके पति एस पप्पा राव के बीच विवाद चल रहा था. उसका आठ वर्षीय बेटा एस रोहित कुमार ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था. उसी समय महिला ने अपने बेटे को तालाब में धकेल दिया. बच्चे की चीखने की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने किसी तरह से उसे तालाब से बाहर निकाला.

इसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया. लेकिन तब तक बच्चे ने दम तोड़ दिया था. आरोपी महिला के पति की शिकायत के आधार पर बरहामपुर टाउन पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने जांच के दौरान महिला को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान उसने अपने गुनाह कबूल कर लिए थे. उसके बाद से ही वो जेल में बंद है.

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एक दूसरे मामले में गंजम जिले की एक अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. ये मामला 55 वर्षीय व्यक्ति की हत्या से जुड़ा है. इसके लिए दो भाइयों सहित पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है. अतिरिक्त जिला न्यायाधीश इंदु शर्मा ने बिजीपुर इलाके के निवासी केदार दास, सुशांत, कान्हू दास, बापी दास और सुधीर दास को सजा सुनाई है.

इनको त्रिनाथ दास की हत्या का दोषी ठहराया गया था. इसके बाद सजा का ऐलान करते हुए अदालत ने उनमें से हर एक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया. अतिरिक्त सरकारी अभियोजक सौभाग्य कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पुलिस सहित 16 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है. ये वारदात 27 मई, 2020 को बिजीपुर इलाके में हुई थी.

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