दिल्ली में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक शख्स ने उस महिला से 39 लाख रुपये ठग लिए जो वह अपने बेटे के लिए एजुकेशन लोन चाहती थी. महिला जितनी राशि का लोन चाह रही थी ठग ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उसकी तीन गुना धनराशि महिला ऐंठ ली. पुलिस ने गुरुवार को इस मामले की विस्तार से जानकारी दी.
पुलिस ने कहा कि आरोपी शैलेन्द्र डबराल को रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया गया. पीड़िता ने कथित तौर पर न्यू अशोक नगर निवासी डबराल को "प्रोसेसिंग शुल्क" के रूप में 39 लाख रुपये का भुगतान किया था.
13 लाख का लेना था लोन
पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) जीएस सिद्धू के अनुसार, डबराल के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं जिनका इस्तेमाल उसने महिला को धोखा देने के लिए किया था. धोखाधड़ी के संबंध में एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे 13.50 लाख रुपये के शिक्षा ऋण की जरूरत थी, इसलिए वह सुलेखा.कॉम पर गई थी, लेकिन वेबसाइट से 'लोन लीड' हासिल करने वाले दलाल ने उसे 39 लाख रुपये का चूना लगा दिया.
शिकायत के अनुसार, 10 अप्रैल, 2023 को पीड़िता को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना परिचय लोन ब्रोकर नकुल के रूप में दिया. सिद्धू ने कहा कि नकुल ने उससे वादा किया था कि वह उसे एक वित्तीय कंपनी R.S. Enterprises से लोन दिलवाने में मदद कर सकता है. इसके बाद, नकुल ने लोन आवेदन शुल्क, दस्तावेज़ सत्यापन, लोन अप्रूवल, अग्रिम ईएमआई और एनपीसीआई अप्रूवल जैसे विभिन्न प्रोसेसिंग शुल्क के बहाने कुछ पैसों की मांग की, जिसका भुगतान पीड़ित् ने ऑनलाइन किया.
ठग लिए 39 लाख
डीसीपी सिद्धू ने बताया कि पीड़ित ने दो महीने में 70 से अधिक ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से 39 लाख रुपये का भुगतान किया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने बुधवार को न्यू अशोक नगर से नकुल को गिरफ्तार किया, जिसका असली नाम शैलेंदर डबराल है. पुलिस ने बताया कि डबराल ने खुलासा किया कि पहले वह लोन एजेंट के तौर पर काम करता था. वह सुलेखा.कॉम से लोन लीड लेता था और ग्राहकों से संपर्क करता था।
अधिक पैसा कमाने के लिए उसने लोगों को धोखा देने का फैसला किया. ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए, वह WeFast नामक ऐप की सेवाओं का उपयोग करके दस्तावेज़ एकत्र करता था और उनका विश्वास जीतने के बाद, उन्हें प्रोसेसिंग शुल्क के बहाने से पैसे जमा करने के लिए कहता था. पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है और इस तरह के अन्य पीड़ितों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं.