माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की खबर मिलने के बाद शाइस्ता परवीन प्रयागराज आई थी. वो अतीक की हत्या के बाद आखिरी बार उसका दीदार करना चाहती थी. लेकिन पुलिस के सख्त पहरे की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाई.