21वीं सदी और विज्ञान के इस युग में भी कुछ लोगों को बीमारी ठीक करने के लिए डॉक्टर से नहीं बल्कि किसी जादू-टोने और चमत्कार से उम्मीद रहती है और इस चक्कर में वो मासूम बच्चों की बलि देने से भी नहीं चूकते हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई से सामने आया है जहां एक युवक पर अपनी बहन और भाभी को बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए एक सात साल के मासूम बच्चे की बलि चढ़ाने का आरोप लगा है. इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक और तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल हरदोई के चंद्रपुर गांव के रहने वाले पवन कुमार के घर में उसकी भाभी और बहन काफी दिनों से बीमार थीं. अपनी बहन और भाभी को बीमारी से निजात दिलाने के लिए पवन टीकर गांव के एक तांत्रिक संतोष के पास उन्हें झाड़-फूंक करवाने के लिए ले जाया करता था.
इसी दौरान झाड़-फूंक के क्रम में तांत्रिक संतोष ने पवन को अपनी भाभी और बहन को बीमारी से मुक्ति दिलाने के लिए किसी बच्चे की बलि चढ़ाने की जरूरत बताई. इसके बाद आरोपी पवन ने अपने पड़ोसी के बच्चे का खेलते समय अपहरण कर लिया और उसे तांत्रिक के पास ले आया.
तांत्रिक के कहने पर पवन उस मासूम बच्चे को जिंद बाबा की मजार पर ले गया और तंत्र-मंत्र की क्रिया करने के बाद गला दबाकर उसकी बलि चढ़ा दी. बच्चे के नहीं मिलने पर उसके परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की तो अगले दिन बच्चे का शव बरामद हुआ. पुलिस जांच में पता चला कि बच्चे को आखिरी बार पवन की बाइक पर बैठे देखा गया था. जब पुलिस ने आरोपी पवन से सख्ती से पूछताछ की तो वो टूट गया और उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया.
बलि देने का ओरोपी पवन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने तांत्रिक के कहने पर बच्चे का अपहरण किया था और फिर उसकी बलि चढ़ा दी. पवन की निशानदेही पर पुलिस ने तांत्रिक संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को फिलहाल जेल भेज दिया गया है.