दिल्ली के एक कुख्यात गैंगस्टर ने वसूली के लिए एक शख्स को फोन किय़ा. फोन पर जब सामने वाले ने पूछा कि आप कौन हैं तो गैंगस्टर ने जवाब दिया- गूगल करके देख लो, मेरे बारे में सब पता चल जाएगा.
जी हां, कुछ इसी अंदाज में आजकल गैंगस्टर और माफिया लोगों को धमका रहे हैं और धड़ल्ले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. वाट्सएप हो, टि्वटर हो, फेसबुक हो या फिर यूट्यूब हर जगह इन बड़े-बड़े गैंगस्टर के गुर्गे और वह खुद अपने अपराध के किस्से सुनाते दिखाई देंगे. इन गैंगस्टर की अदालत में पेशी हो या फिर पैरोल पर रिहाई, इनका पुलिसिया काफिले के साथ बनाया गया वीडियो वायरल किया जाता है और दिखाया जाता है कि गैंगस्टर ऑफ़ माफिया कितने खतरनाक हैं.
दरअसल क्राइम ब्रांच ने जब जांच शुरू की तो सोशल मीडिया पर मौजूद काला जठेड़ी का एक वीडियो पुलिस के हाथ लगा जिस वीडियो में सुशील कुमार काला जठेड़ी के भाई प्रदीप की शादी में शामिल होता नजर आ रहा है. यूट्यूब पर अपलोड इस वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह एक गैंगस्टर और वांटेड अपराधी को ग्लोरिफाई किया जा रहा है.
इतना ही नहीं, नौजवानों को अपराध की तरफ आकर्षित करने के लिए काला जठेड़ी के इस गैंग ने अपना एक फेसबुक पेज बनाया हुआ है जिस पर 5.8 k मेंबर हैं. इस पेज पर लगातार वीडियो भी अपलोड किए जाते हैं. दरअसल, दिल्ली में कुख्य़ात और बदनाम होने के लिए आजकल गुंडों ने एक नया तरीका ढूंढ लिया है. अब वे खुद की और अपने गैंग की मार्केटिंग सोशल मीडिया पर कर रहे हैं, वो भी खुलेआम.
नीरज बवानिया, टिल्लू ताजपुरिया और गोगी गैंगस्टर जैसे न जाने कितने ही अपराधी इन दिनों सोशल मीडिया में एक्टिव हैं. वहां उनके लटके-झटके, रंगबाज़ी, फायरिंग और स्टाइल देख कर किसी छोटे-मोटे म्यूज़िक एल्बम के हीरो, मॉडल या फिर जूनियर आर्टिस्ट होने का धोखा हो सकता है लेकिन कभी शॉट गन, कभी पिस्टल, कभी गोलियों के ज़खीरे और कभी हाई एंड कारों के साथ फेसबुक से लेकर यू-ट्यूब जैसे सोशल प्लेटफॉर्म पर छाये रहने वाले ये नौजवान ना तो किसी अल्बम के हीरो हैं, ना मॉडल और ना ही कोई जूनियर आर्टिस्ट. बल्कि ये तो बात-बात पर ख़ून बहाने वाले दिल्ली के गैंगस्टर हैं.
दिल्ली के सबसे बदनाम गैंगस्टर नीरज बवानिया की सोशल मीडिया में मौजूदगी पर ही नज़र डालिए. नीरज बवानिया ने फेसबुक पर एक नहीं, बल्कि दो-दो अकाउंट और पेज बना रखे हैं. इनमें एक अकाउंट में उसने अपनी पहचान पब्लिक फिगर की लिखी है, जबकि दूसरे पेज पर पॉलिटिशियन लेकिन दोनों ही अकाउंट में गुंडे वाली धौंस और ठसक साफ झलकती है. फिर चाहे वो नीरज की तस्वीरों में हो, इनमें शेयर किए गए वीडियो या फिर लिखी गई लाइनों में सबसे पहले तो नीरज बवानिया ने अपने दोनों एकाउंट में जो बैकग्राउंड पिक लगाई है, वो उसकी पुलिस की गिरफ्त में मौजूद लो एंगल से खींची गई एक ऐसी तस्वीर है, जो एक गैंगस्टर को लार्जर दैन लाइफ़ की इमेज बनाने की कोशिश करती है.
इन लोगों ने अब सोशल मीडिया पर ख़ौफ़ और दहशत की मार्केटिंग शुरू कर दी है. वो मार्केटिंग जो उनके बाहर रहते हुए भी चलती रहती है और जेल में रहते हुए भी जारी है. इन गैंगस्टरों पर क़त्ल से लेकर लूटपाट और किडनैपिंग से लेकर डकैती जैसे तमाम गुनाहों के बेशुमार इल्ज़ाम हैं और इनके सिर पर पुलिस ने कोई हज़ार-बीस हज़ार से लेकर सात लाख तक के इनाम का ऐलान कर रखा है लेकिन फिर भी ये गैंगस्टर ना तो किसी के दबाव में नज़र आते हैं और ना ही छुपते हैं. बल्कि फेसबुक से लेकर यूट्यूब और यहां तक कि कुछ के तो ट्विटर पर भी अकाउंट मौजूद हैं. ये और बात है कि ये बस पुलिस को ही नज़र नहीं आते.
अभी कुछ दिन पहले ही एक टॉप एंगल से शूट किया गया वो वीडियो है, जिसमें नीरज को पुलिस हथकड़ियों में जकड़कर कहीं छापेमारी के लिए पहुंची है और पूरी सड़क पुलिस और तमाशबीनों की भीड़ से भरी है. इस वीडियो के साथ नीरज बवाना ने लिखा है."सिर्फ़ आवाज़ देने से कारवां रुका नहीं करते, देखा यह भी जाता है कि पुकारा किसने है."
ज़ाहिर है बवानिया का अपलोड किये गए ये वीडियो बताते हैं कि या तो तिहाड़ में बंद नीरज अपना अकाउंट जेल से ही ऑपरेट कर रहा है या फिर उसने अपने सोशल मीडिया एकाउंट को मैनेज करने के लिए बाकायदा किसी को अपांइट कर रखा है. यूट्यूब पर तो ख़ैर उसके कई वीडियोज़ मौजूद हैं, जिनमें वो कहीं पुलिस की हिरासत दिख रहा है, तो कहीं पार्टी करते हुए. जबकि तकरीबन हर वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी और हरियाणवी गाने बज रहे हैं.
दिल्ली के बाकी गैंगस्टर भी सोशल मीडिया पर शेखी बघारने के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं. चाहे वो नीरज का चेला और खूंखार गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया हो या फिर उसका दुश्मन नंबर एक गोगी गैंगस्टर छेनू पहलवान यूट्यूब पर इनके वीडियो की भरमार है.
12 नवंबर 2020 को लूट, हत्या और रंगदारी के कई मामलों में फरार चल रहे दिल्ली के गैंगस्टर हाशिम बाबा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया हालांकि दिल्ली के टॉप मोस्ट गैंगस्टर हाशिम बाबा की जुर्म की दुनिया में एंट्री से लेकर गिरफ्तार होने तक की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है. हाशिम बाबा का असली नाम आसिम है. दिल्ली के यमुनापार इलाके में सबसे पहले उसने गैंबलिंग का धंधा शुरू किया. आसिम, संजय दत्त की तरह बड़े-बड़े बाल रखता था. संजय दत्त स्टाइल में फोटो खिंचवाता और धीरे-धीरे आसिम अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम और दाऊद इब्राहिम की तरह बड़ा डॉन बनने का सपना देखने लगा और यमुनापार में फैले नासिर गैंग में शामिल हो गया.
दिल्ली में करीब 30 से ज्यादा खतरनाक गैंग सक्रिय हैं. मंजीत महाल, नीरज बवानिया, जितेंद्र मान उर्फ गोगी और संदीप उर्फ टिल्लू, इरफान उर्फ छेनू पहलवान, अब्दुल नासिर, हाशिम बाबा और सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते समेत कई गैंगस्टर तिहाड़ जेल में हैं. विकासपुरी के एक बिजनेसमैन से जून 2020 को एक करोड़ रुपये की रंगदारी की साजिश मंजीत महाल और सतेंद्र उर्फ भिंडा ने रची थी. करोलबाग के कारोबारी से फरवरी 2020 में 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी का तानाबाना कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवानिया गैंग के शार्पशूटर नवीन डबास उर्फ बाली ने बुना था. वेलकम के कारोबारी से तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात बदमाश फैजल शाह उर्फ अनस ने जून 2020 में रंगदारी मांगी थी.