एमपी के रीवा में एक व्यक्ति ने रुपयों की खातिर अपने अपहरण की साजिश रच दी. पत्नी के फ़ोन में मैसेज कर फिरौती की मांग की लेकिन पुलिस ने 12 घंटे के अंदर ही इसका पर्दाफाश कर दिया. (रीवा से विजय विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
ये मामला रीवा जिले के डकैत प्रभावित इलाके पनवार का है. 40 वर्षीय राजाराम पटेल के अपहरण की सूचना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. अपहृत को छोड़ने के लिए फिरौती की मांग भी आ गई.
पत्नी के फ़ोन में फिरौती की रकम देने का मैसेज आया तो पत्नी ने पुलिस को खबर दे दी. पुलिस तत्काल हरकत में आ गई और पूरे जिले में अलर्ट कर दिया गया. (प्रतीकात्मक फोटो)
पुलिस अधीक्षक ने चुनिंदा अफसरों की एक टीम बनाई और साइबर सेल को फ़ोन की लोकेशन ट्रेस करने को कहा गया. अपहरणकर्ताओं ने जो फिरौती मांगी थी वह रकम छोटी थी लिहाजा पुलिस समझ गयी कि यह अपहरण करने वाला सिरफिरा है. डकैत इतना जोखिम उठाकर 25 हजार रुपये नहीं मांगते. (प्रतीकात्मक फोटो)
इसी बीच राजाराम ने जिस फ़ोन से मैसेज किया वह चालू हो गया और उसकी लोकेशन सतना रेलवे स्टेशन मिली. (प्रतीकात्मक फोटो)
पुलिस ने राजाराम को स्टेशन से पकड़ कर अपहरण की कहानी का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने राजाराम को हिदायत देकर परिजनों को सौंप दिया है. (प्रतीकात्मक फोटो)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने बताया कि राजाराम पटेल पर गांव में कई लोगों का कर्ज था. यह कर्ज चुकाने के लिए उसने ये झूठी साजिश की कहानी बनाई. (प्रतीकात्मक फोटो)
एएसपी ने आगे बताया कि राजाराम घर से फरार हुआ और फिर दोस्त के फ़ोन से पत्नी के फ़ोन में मैसेज कर फिरौती मांगी. अपहरण की योजना का मास्टरमाइंड खुद अपहृत युवक था. राजाराम ने पुलिस महकमे को परेशान कर दिया. अपहरण के मामले में पुलिस अति संवेदनशील रहती है और सभी जरूरी काम छोड़कर लग जाती है. कई बार लोग व्यक्तिगत समस्या, घरेलू झगड़े, कर्ज और अन्य समस्याओं में अपहरण की कहानी बना देते हैं. पुलिस को परेशान करना ठीक नहीं है. (प्रतीकात्मक फोटो)