पीएलएफआई का जोनल कमांडर जीदन गुड़िया सोमवार को मुरहु के कोयंग्सर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस ने घटनास्थल से एके 47 रायफल और वाकी-टाकी सहित कई अन्य सामान बरामद किया है. जीदन ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो को मारने के लिए 5 करोड़ की सुपारी ली थी. कई बार हमला करने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाया. (खूंंटी सेे अरविंद सिंंह की रिपोर्ट)
यह घटना सोमवार की सुबह 9 बजे की है. जीदन गुड़िया 15 लाख का इनामी था और दिनेश गोप के बाद संगठन में दूसरे स्थान पर था. इसके ऊपर लगभग 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी. जीदन गुड़िया का पुलिस मुठभेड़ में मारा जाना खूंटी पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है.
जीदन गुड़िया की पत्नी शव लेने थाना पहुंची. कुख्यात नक्सली की पत्नी खूंटी जिला परिषद की अध्यक्ष और बीजेपी की नेता है. जीदन गुड़िया के इशारे पर ही उनकी पत्नी चुनाव जीती थी. खूंटी जिले में दो दशक से ज्यादा समय से आतंक का दूसरा नाम जीदन गुड़िया था. इसके एक इशारे पर इसके गुर्गे किसी का भी काम तमाम कर देते थे. जीदन गुड़िया खूंटी में लेवी की वसूली करता था.
इलाके में अपने नाम का खौफ बनाने वाला पीएलएफआई का दक्षिणी कोयल जोनल कमांडर जीदन गुड़िया रंनिया चौक पर टेलर का काम करता था. कपड़े की कटाई -सिलाई करते उसका संपर्क तात्कालीन झारखंड लिब्रेशन (जेएलटी) के सुप्रीमो दिनेश गोप से हुआ. इस संगठन का वर्तमान नाम पीएलएफआई है.
यह बात साल 2005, 2006 की है. तब जीदन एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में संगठन में शामिल हुआ लेकिन जल्द ही उसका ओहदा बढ़ता गया. 2007 में बीमारी के इलाज के लिए अपनी एक महिला मित्र के साथ रांची जाने के दौरान, तोरपा थाना क्षेत्र के गौड़बेड़ा गांव के पास पकड़ा गया. लगभग तीन साल जेल में रहा और एक दिन खूंटी कोर्ट परिसर से फरार हो गया. यह घटना सितम्बर 2010 की है. उसके साथ पीएलएफआई के कुल 7 उग्रवादी फरार हुए थे.
जीदन फरार होने के बाद और खतरनाक हो गया जिससे संगठन में उसका कद लगातार बढ़ता गया. कई हत्याओं का आरोप उस पर लगा. अपने कद के साथ वह संगठन का वफादार व मजबूत स्तंभ बन गया और सुप्रीमो दिनेश गोप का खासमखास हो गया था. तोरपा, तपकरा, मुरहू आदि क्षेत्र में उसके नाम का दबदबा था.
पिता बुधराम गुड़िया का निधन कई सालों पहले हो गया था जिसके दो महीने मां सनियारी गुड़िया भी चल बस थी. चार भाइयों में सबसे बड़ा बोंदे गुड़िया के बाद दूसरे नंबर पर जीदन था. उससे छोटा दिनेष और सबसे छोटा जोनसन गुड़िया था जिसकी अभी शादी नहीं हुई.
एसएस हाई स्कूल, तपकरा से मात्र नौवीं क्लास तक पढ़े जीदन की दो पत्नियां हैं. पहली रिता गुड़िया तपकरा पंचायत की पूर्व मुखिया थी तथा दूसरी तोरपा पूर्वी से जिला परिषद सदस्य सह जिला परिषद अध्यक्ष जुनिका गुड़िया है. पहली पत्नी रिता रांची में तथा दूसरी जुनिका गुड़िया तोरपा में रहती है.
मुठभेड़ में मारे गये पीएलएफआई उग्रवादी जीदन गुड़िया के उपर रांची, खूंटी, सिमडेगा और चाईबासा में लेवी वसूली, पुलिस पर हमला, लूट और हत्या सहित 129 मामले दर्ज हैं. 2005 से जेएलटी नामक उग्रवादी संगठन से जुड़ा रहा. इसके पास से एक AK47, 3 मैगजीन, 75 गोली, 2 वाकी टॉकी, 12 मोबाइल, 75 सिम और 27500 रुपये नगद बरामद हुए.