दिल्ली पुलिस ने लखनऊ से एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को एनआरआई लड़की बताते हुए नाबालिग लड़कियों से नजदीकी बना उनकी अश्लील फोटो व वीडियो लेकर उसे कई ग्रुपों में सर्कुलेट करता था. नाबालिग लड़कियों के वीडियो व फोटो रखने का इस कदर आदी था कि वह नजदीकी बनाने के लिए खुद को एक लड़की बताता था और लड़की की आवाज में बात भी किया करता था.
उसने सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल में भी लड़की की फोटो लगा रखी थी. आरोपी का स्मार्ट फोन बरामद हुआ है जिसमें अश्लील तस्वीरें और वीडियो थे. दक्षिण दिल्ली पुलिस ने आरोपी अब्दुल समद को ओल्ड महानगर, लखनऊ स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है. उसकी उम्र 23 साल है.
15 वर्षीय किशोरी ने दर्ज कराई थी शिकायत
दरअसल, 27 जुलाई को शिकायतकर्ता (15 साल की एक किशोरी) अपने माता-पिता के साथ पुलिस स्टेशन फतेहपुर बेरी में लिखित शिकायत दी थी. अपने बयान में उसने कहा कि उसने अपने पिता के मोबाइल फोन पर एक इंस्टाग्राम आईडी बनाई, इस दौरान वह एक अन्य लड़की के संपर्क में आई. उक्त रहस्यमयी लड़की ने शिकायतकर्ता के साथ अपनी बड़ी बहन के रूप में सामान्य बातचीत शुरू की, जिसमें उसने "कैसी हो छोटी, कैसी हो मेरी गुड़िया" कहकर बातचीत शुरू की.
एक महीने के बाद आरोपी लड़के ने जोकि लड़की बनकर बात कर रहा था, उसने पीड़ित लड़की को कई अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजें और पीड़ित लड़की को भी उसी तरह की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजने को कहा. उसने खुद को लड़की की तरह पेश करते हुए शिकायतकर्ता को लालच दिया कि वह इसे आगे नहीं भेजेगा और अपने पास ही रखेगा.
शिकायतकर्ता ने आरोपी को अश्लील वीडियो और तस्वीरें भेजीं. इस दौरान दोनों ने अपना मोबाइल नंबर साझा किया और व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल करनी शुरू की. आरोपी ने पीड़ित लड़की को कभी अपना चेहरा नहीं दिखाया. जब उसने अपना चेहरा नहीं दिखाया, तो शिकायतकर्ता ने उसे अनदेखा करना शुरू कर दिया. इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी दी. जब शिकायतकर्ता की सहेली ने अश्लील वीडियो और फोटो देखें तो उसने उक्त नंबर पर वीडियो कॉल करने की कोशिश की तो वीडियो कॉल एक लड़के ने उठाई.
पुलिस ने ऐसे लगाया पता
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम आईडी का पता लगाने के लिए व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को नोटिस भेजे. इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के साथ लगातार फॉलो-अप के साथ, इंस्टाग्राम ने कुछ आईपी एड्रेस दिए गए. इस दौरान पुलिस की टीम भी शिकायतकर्ता और उसके अन्य दोस्तों से लगातार संपर्क में थी और पता चला कि आरोपी ने कुछ और इंस्टाग्राम आईडी भी बनाई है. उन आईडी के बारे में विवरण भी इंस्टाग्राम से एकत्र किया गया था. इंस्टाग्राम ने पुलिस को सारी जानकारी दे दी और पता चला कि शख्स लखनऊ का रहने वाला है जिसके बाद दिल्ली पुलिस लखनऊ रवाना हुई और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किया गया जिसमें कई लड़कियों का विवरण और उनकी अश्लील तस्वीरें / वीडियो थे. इसके अलावा, उसके मोबाइल फोन के कवर से एक बीएसएनएल सिम भी बरामद की है.
पूछताछ पर किया चौंकाने वाला खुलासा
आरोपी से विस्तार से पूछताछ की गई, जिसने खुलासा किया कि वह किशोर लड़कियों के साथ बात करता था और उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो देखता था. वह लड़कियों से लड़की बनकर बात करता था. आरोपी ने किशोर उम्र की लड़कियों को निशाना बनाया क्योंकि उन्हें अपनी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजने का लालच देना आसान था.
आरोपी ने बताया कि वह एक एयर-कंडीशनर मैकेनिक है. उसके पिता दर्जी हैं और मां घर का कामकाज करती है. इंटरनेट आधारित सोशल साइट्स में उसकी गहरी रुचि थी और वह यूट्यूब से सोशल साइट्स का उपयोग करने के बारे में सीखता था. उसने "टेक्स्ट नाउ" जैसे कुछ मोबाइल ऐप के बारे में भी सीखा था, जिसमें वह +1 (706) * ** जैसे अंतरराष्ट्रीय नंबरों के माध्यम से लड़कियों को संदेश भेजता था और वीडियो कॉल करता था.
पकड़े जाने से बचने के लिए बदलता रहता था आईडी
अश्लील वीडियो व फोटो लेने वाला आरोपी टेक्ट नाउ ऐप के जरिए बात करता था. इस ऐप से बात करने पर किसी भी नाबालिग को यह नंबर कनाडा का शो होता था. आरोपी ने एक लड़की का फोटो और वीडियो अपने प्रोफाइल में लगा रखा था. जिसे उसने इंटरनेट से डाउनलोड की थी.जब लड़कियां उसे अपने अश्लील वीडियो और तस्वीरें भेजती थीं, तो वह उन्हें ब्लैकमेल करता था और अश्लील वीडियो और तस्वीरें अपने पर्सनल ग्रुप्स में भी भेज दिया करता था. उसके पास कई इंस्टाग्राम आईडी थी. वह नई-नई इंस्टाग्राम आईडी बनाता रहता था, ताकि उसकी आईडी ट्रेस न हो सके.