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जम्मू-कश्मीरः कोई टीचर तो कोई कॉन्स्टेबल, 6 सरकारी कर्मचारी थे आतंकियों के 'दोस्त', सभी बर्खास्त

जम्मू-कश्मीर में 6 सरकारी कर्मचारियों को उनकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. इन सभी के तार आतंकियों से जुड़े हुए थे. इनमें कोई टीचर था तो कोई कॉन्स्टेबल था.

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सभी कर्मचारी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सभी कर्मचारी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 6 सरकारी कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त
  • आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले

जम्मू-कश्मीर में 6 सरकार कर्मचारियों को उनकी नौकरी से निकाल दिया गया है. इन सभी के तार आतंकियों से जुड़े हुए थे. बर्खास्त किए कर्मचारियों में कोई सरकारी टीचर था तो कोई पुलिस में कॉन्स्टेबल. इन सभी को संविधान के आर्टिकल- 311(2)(c) के तहत टेरर लिंक होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है.

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जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें अब्दुल हामिद वानी, जाफर हुसैन बट, मोहम्मद रफी बट, लियाकत अली काकरू, तारिक महमूद कोहली और शौकत अहमद खान का नाम शामिल है.

क्यों किया गया इन्हें बर्खास्तः

1. अब्दुल हामिद वानी (टीचर): सरकारी नौकरी में आने से पहले आतंकी संगठन अल्लाह टाइगर्स का जिला कमांडर था. जमात-ए-इस्लामी का फायदा उठाकर बिना किसी सिलेक्शन प्रोसेस के नौकरी में लगा. आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद 2016 में चलो कार्यक्रम ऑर्गनाइज किया. अलगाववादी विचारधारी का प्रचार करता है.

2. जाफर हुसैन बट (कॉन्स्टेबल): 2019 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल की थी. 30 सितंबर 2019 से जमानत पर रिहा है. जांच में सामने आया कि उसने हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों को अपनी ऑल्टो कार मुहैया कराई और आने-जाने में उनकी मदद की. 

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3. मोहम्मद रफी बट (जूनियर असिस्टेंट, रोड एंड बिल्डिंग डिपार्टमेंट): किश्तवाड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों को लॉजिस्टिक मुहैया करने में मदद की. एनआईए की एफआईआर में नाम है. उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और फिलहाल जमानत पर रिहा है.

4. लियाकत अली काकरू (टीचर): 1983 में नियुक्त किया गया. 2001 में गिरफ्तार किया गया, जिसमें पता चला कि वो एक प्रशिक्षित आतंकवादी है. उसके पास से विस्फोटक भी बरामद किया गया है. 2002 में उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे. 2002 में दो साल के लिए पीएसए के तहत हिरासत में भी लिया गया. हालांकि, दोनों मामलों में कोर्ट ने बरी कर दिया. 2021 में फिर उसके पास से हैंड ग्रेनेड मिले थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज है.

5. तारिक मोहम्मद कोहली (रेंज ऑफिसर, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट): पाकिस्तान से अवैध हथियार, ड्रग्स, गोला-बारूद, नकली भारतीय करेंसी की तस्करी में शामिल रहा. आतंकियों के संपर्क में रहा. पुंछ में एक एफआईआर दर्ज है और एक मामले में गिरफ्तार भी हो चुका है.

6. शौकत अहमद खान (कॉन्स्टेबल): एक एमएलसी के घर से हथियारों की लूट में शामिल रहा. शौकत एमएलसी के घर पर पीएसओ के रूप में तैनात था. इस मामले में राजबाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है. 8 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था.

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