अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 106 दिन हो गए हैं. लेकिन मिस्ट्री अब भी बाकी है. एम्स ने अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी. आजतक को एम्स की रिपोर्ट को लेकर मिली एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है. जिसमें बताया गया है कि सुशांत के विसरा में जहर नहीं मिला. लेकिन हत्या की थ्योरी ही खत्म हो गई ऐसा भी नहीं है. जांच पड़ताल अभी भी जारी है.
सुशांत की मौत के 106 दिन बाद उम्मीद बनी है कि सच से परदा उठेगा. मौत की मिस्ट्री खुलेगी. हत्या या आत्महत्या का सस्पेंस खत्म होगा. एम्स की हाईप्रोफाइल टीम ने सुशांत की पोस्टमार्टम और विसरा की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी. एम्स की रिपोर्ट को सार्वजिनक नहीं किया गया है. लेकिन आजतक को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक- सुशांत के जिस्म में कोई जहर नहीं मिला.
एम्स की फोरेंसिंक टीम ने सुशांत की विसरा रिपोर्ट में कोई जहर नहीं पाया. मतलब एम्स रिपोर्ट ने जहर वाली थ्योरी को नकार दिया है. सुशांत के परिवार ने सुशांत की हत्या का शक जताया था. पिता केके सिंह ने सीधे-सीधे रिया पर जहर देने का आरोप लगाया था. लेकिन एम्स की रिपोर्ट ने सुशांत के पिता के इल्जाम को खारिज कर दिया.
जहर की थ्योरी से परदा उठ गया. इसका मतलब ये नहीं है कि हत्या या खुदकुशी की गुत्थी सुलझ गई है. अभी रिपोर्ट सीबीआई के पास आई है. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई एम्स की रिपोर्ट का मौजूदा सबूतों से मिलान करेगी. वारदात के रीक्रिएशन और क्राइम सीन की रिपोर्ट से मिलाएगी. गवाहों के बयानों की कसौटी पर कसेगी.
एम्स की रिपोर्ट ने कूपर अस्पताल को क्लीन चिट नहीं दी है. कूपर अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में काफी खामियां थी. ना मौत का वक्त लिखा था और ना ही कई चोटों के बारे में कुछ जिक्र था. गले के लिगेचर मार्क्स पर भी कुछ नहीं कहा गया था. एम्स की रिपोर्ट ने ये भी साफ किया है कि सीबीआई की जांच से अलग नहीं है रिपोर्ट, यानी रिपोर्ट उसी दिशा में आगे बढ़ी है जिस दिशा में जांच चल रही है.
सुशांत केस में एम्स की रिपोर्ट कल ही सीबीआई को सौंपी गई. रिपोर्ट सौंपने वाले एम्स के जांच पैनल का नेतृत्व डॉ. सुधीर गुप्ता कर रहे थे. दरअसल, 14 जून को सुशांत की संदिग्ध हालात में मौत हुई. घर पर ही वो पंखे से लटके मिले. मुंबई पुलिस जांच में दो महीने से ज्यादा लगाई. लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. दबाव बढ़ा तो 19 अगस्त को केस सीबीआई को सौंपी गई.
सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाया. फोरेंसिंक जांच का जिम्मा एम्स को सौंपा. एम्स की तीन डॉक्टरों की टीम मुंबई जाकर ना सिर्फ मौके का मुआयना किया, बल्कि पोस्टमार्टम करने वाले कूपर अस्पताल के डॉक्टरों से सवाल-जवाब भी किया. मौत के वक्त के खाली कॉलम पर भी पूछताछ की. और अब जाकर 38 दिन बाद एम्स की रिपोर्ट आ गई. उम्मीद है अब सीबीआई जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेगी और सुशांत की मौत का राज खोलेगी.