सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले को लेकर एनआईए (NIA) ने पंजाब और हरियाणा में कई ठिकानों पर छापे मारी की है. दूतावास पर किए गए हमले के दौरान आपराधिक अतिक्रमण, बर्बरता, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, दूतावासकर्मियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश, आगजनी और इमारत में आग लगाने की कोशिश भी शामिल है. सभी हमलावरों और उनके सहयोगियों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए ये कार्रवाई एनआईए की जांच का हिस्सा है.
पंजाब और हरियाणा में छापेमारी
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में मौजूद भारत के महावाणिज्य दूतावास पर हुए हमलों की जांच के तहत, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की. 19 मार्च 2023 और 2 जुलाई 2023 के हमलों के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करने के लिए एनआईए की टीम ने दो राज्यों में कुल 14 ठिकानों पर छापे मारे.
भारत विरोधी तत्वों को कड़ा संदेश
एनआईए हमलावरों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने के मकसद से मामले की जांच कर रही है. जिससे भारत विरोधी तत्वों को एक कड़ा संदेश भेजा जा सके. एनआईए की एक टीम ने अगस्त 2023 में सैन फ्रांसिस्को, यूएसए का दौरा किया था ताकि आगजनी और बर्बरता के हिंसक कृत्यों के माध्यम से वाणिज्य दूतावास पर हमलों की घटनाओं की जांच की जा सके. क्योंकि इन हमलों से वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों और समुदाय के बीच डर पैदा हो गया था.
हमलावरों की पहचान
अपनी जांच के हिस्से के रूप में, एनआईए ने इन हिंसक घटनाओं में शामिल अमेरिका-आधारित संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान करने और उनके बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए भीड़ से जानकारी जुटाई है. एजेंसी ने पहले ही कुछ ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर ली है, जो बार-बार हुए हमलों के पीछे की साजिश का हिस्सा थे. इनमें हमलावर और उनके कई सहयोगी शामिल हैं, जिनमें भारतीयों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
डिजिटल डेटा भी जब्त
एनआईए ने बुधवार को जिन स्थानों पर छापेमारी की, उनमें पंजाब के मोगा, जालंधर, लुधियाना, गुरदासपुर, मोहाली, पटियाला और हरियाणा के कुरूक्षेत्र और यमुनानगर जिले शामिल थे. इस कार्रवाई के नतीजे में आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ-साथ आरोपी व्यक्तियों से संबंधित जानकारी वाले डिजिटल डेटा को जब्त कर लिया गया है.
ऐसे हुआ था हमला
इसी साल 19 मार्च को सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास पर हमलावरों के एक समूह ने हमला किया था. हमलावरों ने आपराधिक अतिक्रमण किया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों पर हमला किया. इस हमले से पहले उसी दिन कुछ हमलावरों ने सुबह-सुबह वाणिज्य दूतावास की इमारत पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की थी. इसके बाद 2 जुलाई को आधी रात को कुछ लोगों ने वाणिज्य दूतावास की इमारत में आग लगाने का प्रयास किया था.