तिहाड़ जेल में हुई कैदी अंकित गु्र्जर की हत्या (Ankit Gujjar Murder Case) के मामले बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस केस को अब दिल्ली पुलिस से लेकर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानी CBI को सौंप दिया है. यह मांग अंकित के परिवार ने ही उठाई थी. कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई की अगली तारीख 28 अक्टूबर तय की है. इसी दिन CBI स्टेटस रिपोर्ट फाइल करेगी.
अंकित गुर्जर की हत्या के मामले में डिप्टी जेलर समेत 4 लोगों को सस्पेंड भी किया गया था. जेल में बंद एक कैदी ने खुद को चश्मदीद बताते हुए आरोप लगाया था कि जेल अधिकारियों ने ही अंकित की जान ली. यह भी सामने आया था कि अंकित की पुलिसवालों ने ही पिटाई की थी और उससे पहले CCTV कैमरों को बंद किया गया था.
4 अगस्त को मृत मिला था अंकित गुर्जर
अंकित गुर्जर (29 साल) चार अगस्त को तिहाड़ जेल में अपनी कोठरी में मृत मिला था. गुर्जर के परिवार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि पीड़ित को जेल अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा था क्योंकि वह पैसे की उनकी नियमित रूप से बढ़ती मांगों को पूरा नहीं कर पा रहा था, इसलिए उसकी सुनियोजित साजिश के तहत हत्या कर दी गई. पुलिस ने भी अपनी जांच में पाया था कि अंकित की जेल अधिकारियों संग हाथापाई हुई थी.
पहले की सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसे हिरासत में हिंसा का मामला माना था. इसके साथ ही अदालत ने कहा था कि इस घटना में जेल अधिकारियों द्वारा जबरन वसूली का एक बड़ा मुद्दा शामिल है.