एंटीलिया केस में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. बुधवार को एनआईए के आठ सदस्य दो गाड़ियों के साथ थाणे में साकेत सोसाइटी स्थित सचिन वाजे के आवास पर पहुंचें. 8 एनआईए अधिकारियों में महिला अधिकारी भी शामिल हैं.
सचिन वाजे पर आरोप है कि उन्होंने संदिग्ध स्कॉर्पियो कार सोसाइटी में रखी गई थी और उन्होंने डीवीआर भी छिपाया था. कहा जा रहा है कि एनआईए की टीम उनके घर की भी तलाशी ले सकती है. हालांकि वाजे का परिवार घर पर नहीं है. उनके घर के सदस्य पिछले दो सप्ताह से घर पर नहीं हैं.
एंटीलिया केस मामले में वाजे पहले से ही काफी मुश्किलों में घिरे हुए हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने 25 मार्च तक वाजे को एनआईए की हिरासत में भेज दिया है. उनकी गिरफ्तारी के बाद बीते सोमवार को मुंबई पुलिस ने उन्हें सस्पेंड भी कर दिया था. इससे पहले एनआईए ने सचिन वाजे की टीम के अन्य सदस्यों को भी पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया था.
राज्य और केंद्र आमने-सामने
सचिन वाजे की गिरफ्तारी और एंटीलिया केस की जांच मुंबई पुलिस से लेकर एनआईए को सौंपने को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने केंद्र पर निशाना भी साधा था. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा था कि एंटीलिया मामले की जांच करने में मुंबई पुलिस सक्षम है लेकिन राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए केंद्र ने यह केस एनआईए को दिया है. यह मुंबई पुलिस का अपमान है. उन्होंने कहा था कि वाजे एक होनहार अफसर है. उधर, देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए थे कि इस मामले में सचिन वाजे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी.