शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी ने खुद से जुड़ी कंपनियों के जरिए किस तरह फर्जीवाड़ा किया हुआ था, इसका बड़ा सबूत आजतक के हाथ लगा है. अर्पिता मुखर्जी के एक ऐसे बिजनेस पार्टनर का पता चला है जो कि वैसे तो तीन फर्म में अर्पिता के साथ डायरेक्टर था. लेकिन असल जिंदगी में वह एक कैब ड्राइवर है. इतना ही नही, रिश्ते में वह अर्पिता का जीजा लगता है.
इस शख्स का नाम कल्याण धार (Kalyan Dhar) है. कल्याण अर्पिता के साथ तीन कंपनियों में डायरेक्टर थे. ये ऐसी कंपनियां थीं जो कि कागजों के हिसाब से करोड़ों का कारोबार कर रही थीं. शिक्षक भर्ती घोटाले में अर्पिता मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद इन कंपनियों का नाम सामने आया था. इसमें कल्याण सह-डायरेक्टर थे.
कागजों में कारोबार करोड़ों का, पास में मोटरसाइकल तक नहीं
आजतक ने अर्पिता के इस संदिग्ध को-डायरेक्टर के बारे में जानकारी जुटाई है. यह कागजों में तो करोड़पति दिखता है, लेकिन असल में एक कैब ड्राइवर है, जिसके पास खुद की मोटरसाइकिल भी नहीं है.
अर्पिता और कल्याण तीन फर्म में डायरेक्टर हैं. इसमें पहली Symbiosis Merchants Private Limited है. अर्पिता 21 मार्च 2011 को इसकी डायरेक्टर बनी थीं. कागजों के हिसाब से यह कंपनी विभिन्न प्रकार के सामानों का थोक में व्यापार करती है. कल्याण धार को 1 जुलाई 2021 में इस कंपनी में सह-डायरेक्टर बनाया गया था.
दूसरी फर्म का नाम Sentry Engineering Private Limited है. अर्पिता 9 नवंबर 2011 को इसकी डायरेक्टर बनी थीं. फिर 2018 में कल्याण को इसका डायरेक्टर बनाया गया. कंपनी में अबतक ये दोनों ही डायरेक्टर हैं. कागजों के मुताबिक, यह कंपनी खास तरह की मशीनरी बनाती है.
तीसरी फर्म है Echhay Entertainment Private Limited. अर्पिता 29 अक्टूबर 2014 को इसकी डायरेक्टर बनी थीं. इस कंपनी के दूसरे डायरेक्टर कल्याण धार ही हैं.
डरकर घर में छिपे हैं कल्याण धार
कागजों में जो कल्याण धार का पता था, आजतक वहां भी पहुंचा. पता चला कि वह कोलकाता के एक छोटे से घर में रहते हैं. इसी के साथ यह भी पता चला कि वह एक कैब ड्राइवर हैं. इतना ही नहीं वह ईडी के छापों के बाद इतना डर गए हैं कि परिवार समेत घर में ही बंद रहते हैं.
आजतक को कल्याण धार के बचपन के दोस्त संजय पोद्दार के बारे में भी पता चला. उनसे भी बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने एक और बड़ा खुलासा किया. उसने बताया कि धार की पत्नी कोई और नहीं अर्पिता मुखर्जी की बहन हैं. मतलब धार अर्पिता के जीजा हुए. संजय ने यह भी बताया कि कल्याण एक प्राइेवट कार चलाते हैं, जो कि किसी और की है.
वहीं धार की पत्नी की बारे में पूछने पर संजय ने कहा कि वह एक स्कूल में ग्रुप-डी की कर्मचारी है. वह वहां दो साल से काम करती है. यह भी पता चला है कि अर्पिता की बहन को भी शिक्षा भर्ती घोटाले के तहत ही नौकरी दिलाई गई थी. धार के दूसरे पड़ोसी सुबीर चक्रवर्ती ने कल्याण के फैमिली बैकग्राउंड के बारे में बताया. वह बोले कि धार के पास कोई खुद का वाहन नहीं है, वह बेहद सिंपल लाइफ जीते हैं और फिलहाल डरकर अपने घर में छिपे हैं.