माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में हत्या कर दी गई थी. पुलिस की सुरक्षा के बीच इस सनसनीखेज हत्याकांड को शूटर अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने अंजाम दिया था. तीनों पत्रकार बनकर पहुंचे, इसके बाद जैसे ही अतीक और अशरफ ने मीडिया से बात करनी शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान हुई करीब 18 राउंड फायरिंग में 8 गोलियां अतीक को लगीं. इस हत्याकांड की जांच चल रही है.
एसआईटी और न्यायिक आयोग की टीम के बाद गुरुवार को फॉरेंसिंक टीम भी मौके पर पहुंची. टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया. इससे पहले न्यायिक आयोग ने पड़ताल की थी. धूमनगंज के SHO और जख्मी सिपाही से सवाल-जवाब भी किए गए. इस हत्याकांड की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT (Special Investigation Team) ने दस सवाल तैयार किए हैं.
पहला सवाल- अतीक और अशरफ की हत्या के वक्त पहला शूटर, जिसने अतीक की कनपटी पर गोली दागी थी, वो कितनी दूर था.
दूसरा सवाल- जब अतीक और अशरफ पर फायरिंग हुई तब पुलिसकर्मी किस पोजीशन में थे.
तीसरा सवाल- तीनों शूटर्स मीडिया कर्मियों के साथ खड़े थे या अचानक अतीक और अशरफ के रुकने पर आए और फायरिंग की.
चौथा सवाल- शूटर्स ने जब सरेंडर किया, उस समय किस टीम ने किस शूटर को पकड़ा.
पांचवां सवाल- किस शूटर ने किसको कितनी दूर और किस एंगल से गोली मारी.
छठा सवाल- शूटर्स ने आखिर भागने या पुलिस पर फायरिंग के बजाय किन परिस्थितियों में सरेंडर किया.
सातवां सवाल- तीनों शूटर्स के बीच कितनी दूरी थी. किसके पास कौन सा हथियार था और कितनी दूर से गोली चला रहे थे.
आठवां सवाल- अस्पताल के मेन गेट से पहले जहां पुलिस की गाड़ी खड़ी थी और जहां से पैदल आने पर अशरफ को गोली मारी गई, उसकी दूरी कितनी थी.
नवां सवाल- 19 पुलिस कर्मी अतीक अहमद और अशरफ की सुरक्षा में तैनात थे, तो हर पुलिस वाला कहां था.
दसवां सवाल- एसआईटी आज हुए क्राइम सीन रिक्रिएशन और घटना के मिले वीडियो फुटेज को चेक करेगी कि सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस वालों के बयान और असल में कितना अंतर है.
तीनों शूटर्स से पुलिस ने 8 घंटे पूछताछ की
गौरतलब है कि अतीक और अशरफ को मारने वाले शूटर्स (सनी, लवलेश और अरुण) ने पुलिस पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं. तीनों से पुलिस ने 8 घंटे पूछताछ की. पुलिस का कहना है कि इन तीनों में सनी सिंह सबसे खतरनाक है.
मैं डॉन हूं, मेरा कोई आका नहीं- सनी सिंह
उसने पुलिस को बताया कि दिल्ली के एक गैंगस्टर ने मई 2021 में पिस्टल दी थी. सनी सिंह ने कहा कि वो डॉन है और उसका कोई आका नहीं है. सुंदर सिंह भाटी गैंग से करीबी पर वो बोला कि हमीरपुर जेल में रहते हुए वो भाटी गैंग के संपर्क में आया था.
शूटर अरुण मौर्य का कबूलनामा
उधर, दूसरे शूटर अरुण मौर्य ने बताया कि उसे पानीपत में रहने वाले एक दोस्त ने पिस्टल दी थी. हालांकि, उसे पता नहीं था कि ये पिस्टल 10 लाख रुपये की है. मगर, ये जरूर मालूम था कि जिस पर इससे फायरिंग की जाएगी, वो बचेगा नहीं.
शूटर लवलेश तिवारी का कबूलनामा
तीसरे शूटर लवलेश तिवारी से भी पुलिस ने पूछताछ की और बताया कि उसने पैसे और फेमस होने के लिए अतीक और अशरफ को मारा. लवलेश ने खुद को कट्टर हिंदूवादी और परशुराम का वंशज बताया है. बता दें कि तीनों ने 15 अप्रैल की रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में अतीक-अशरफ की हत्या की थी.