अपनी काली करतूतों के चलते आसाराम और राम रहीम जैसे कई बाबा जेल में बंद हैं और फैसले के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. ऐसा ही एक नए बाबा का खुलासा दिल्ली में पुलिस ने किया है. नाम है आशु भाई गुरुजी. इल्जाम इन पर भी रेप का ही है. मुकदमा दर्ज होने के बाद से बाबा फरार है. उसके आश्रम खाली पड़े हैं. किसी को कुछ नहीं पता कि गुरुजी कहां गायब हो गए. लेकिन पुलिस आरोबी बाबा और उसके बेटे को शिद्दत से तलाश कर रही है. मगर सवाल ये है कि एक बाबा पर दिल्ली पुलिस मेहरबान क्यों है?
दाती महाराज
यहां हम बात कर रहे हैं शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज की. बात इसी साल 11 जून की है. दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में मशहूर शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी. महिला ने दाती महाराज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता की शिकायत पर दाती महाराज के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 354, 376 और 377 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था. पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि दो साल पहले दाती महाराज ने उसके साथ मंदिर के अंदर ही रेप की वारदात को अंजाम दिया था. लेकिन हैरानी की बात ये है कि अभी तक इस मामले में अभी तक दाती महाराज की गिरफ्तारी नहीं हुई है. कोर्ट ने अब इस मामले में पुलिस से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है.
कलयुग के भगवान
पाखंड की दुकान सजा कर मासूमों की आबरू से खेलने वाले कई बाबाओं का हिसाब तो हो गया है. लेकिन अब भी हमारे इर्द-गिर्द ऐसे बाबाओं की कोई कमी नहीं, जिन पर बलात्कार से लेकर क़त्ल और लोगों को नपुंसक बनाने से ले कर देशद्रोह करने जैसे संगीन इल्ज़ाम हैं और क़ानून उनका भी हिसाब करने की तैयारी में है. इन एक से बढ़ कर एक नमूनों में कोई पुलिस के शिकंजे में है, कोई जेल में एड़ियां रगड़ रहा है तो कोई बाबागिरी की दुकान समेट कर पुलिस से भागता फिर रहा है.
आराराम बापू
आसाराम का पाप और उस पाप का हश्र तो अब हम सबके सामने है. आसाराम की आखिरी सांसें तक अब कैद कर ली गई हैं. मगर बाबालोक में मौजूद आसाराम ना तो आखिरी बाबा हैं और ना ही आखिरी मुजरिम. उनके पीछे भी बाबाओं की एक लंबी-चौड़ी फौज है जिनकी सांसें कैद की जानी अभी बाकी हैं.
बाबा नारायण साईं
इस कड़ी में पहला नंबर तो बाप के बाद बेटे का ही है. आसाराम के नक्शेकदम पर चलने वाला उनका सपूत नारायण साईं. बाप के पीछे-पीछे ये भी जेल पहुंचे. अब इनके गुनाहों के हिसाब की तारीख भी नजदीक ही है. बाप की तरह ही बेटे पर भी बलात्कार का इल्ज़ाम है.
गुरमती राम रहीम सिंह इंसा
इस बाबा को कौन भूलेगा. ज़रा सी क़ानून ने नज़रें टेढ़ी क्या की, एक साथ कई राज्यों में आग लगवा दी. बाबा से एक्शन हीरो बने तो सचमुच एक्शन पर ही उतर आए थे. बाबाओं की मौजूदा जमात से ये भी कोई अलग बाबा नहीं निकले. इस पर भी वही इल्ज़ाम है. यानी रेप का. निचली अदालत 20 साल के लिए पहले ही राम रहीम सिंह इंसा को जेल भेज चुकी है. पर अभी क़त्ल और अपने ही भक्तों को नपुंसक बनाने के मामले में हिसाब किताब होना बाकी है.
बाबा की बेबी
अब जब बात हीरो बाबा की होगी, तो हिरोईन को कैसे छोड़ सकते हैं? जी, ये वही बाबा की हनी है. जिन्होंने अकेले पूरे देश की पुलिस को हफ्तों छकाया. महीनों भगाया. तब जाकर बड़ी मुश्किल से हाथ आई. इल्ज़ाम है कि बाबा राम रहीम को जेल जाने से रोकने के लिए इन्होंने ही एक साथ कई राज्यों में चिंगारी फूंकी और 30 से ज़्यादा लोगों को मरवा डाला. अपने हीरो की तरह ही ये भी अभी जेल में ही है. हिसाब किताब होना अभी बाकी है.
बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित
उम्र के इस पड़ाव पर ये महाशय भी आसाराम, नारायण साईं और राम रहीम जैसे इल्ज़ामों से ही घिरे हैं। नाम है बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित. बाबा ने आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नाम पर देश में ना मालूम कितने आश्रम खोल रखे हैं, लेकिन कहते हैं कि जो भी लड़की एक बार इनके आश्रम में जाती है, वो भी आसानी से बाहर नहीं निकल पाती. इन पर भी रेप का इल्ज़ाम है. पर ये बाबा थोड़े चतुर हैं. इधर, इल्ज़ाम लगा और उधर फुर्र हो गए. अब सीबीआई पीछे पड़ी है. आज नहीं तो कल ये भी सलाखों के पीछे ही होंगे.
फलाहारी महाराज
नाम पर मत जाइएगा. गलतफहमी हो सकती है. बस इतना समझ लीजिए कि करम वैसे ही हैं, जो आसाराम से लेकर राम रहीम तक के रहे. बलात्कार के इल्ज़ाम में अपने ये बाबा भी फिलहाल जेल में हैं. फैसला कभी भी हो सकता है. इन बाबा के बारे में क्या कहूं? इन्होंने तो हद ही कर दी. मुराद और औलाद दो ऐसे अस्त्रों का इस्तेमाल किया कि न जाने कितनों की आबरू चली गई. आबरू लूटने वाले भी ये खुद ही हैं. लिहाज़ा, इनकी जगह भी जेल ही है. अब ये वहां बैठकर आखिरी फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं.
इच्छाधारी बाबा
समझ में नहीं आता कि ऐसे बाबाओं के भक्त भी कैसे-कैसे हैं? अब भला कोई बाबा नागिन डांस करे और भक्त अंधे होकर बीन बजाएं तो फिर बाबा को ही अकेले दोष क्यों? ये तो मशहूर ही अपने नाम से हो गए थे. बाबा इच्छाधारी. अब जब हरकतें ऐसी होंगी तो आदतें भी वही होंगी. इन बाबा ने तो अपने आश्रम को ही अय्याशी का अड्डा बना डाला. इल्ज़ाम है कि आश्रम से लड़कियां सप्लाई करते थे. अभी जेल में हैं. मुकदमा जारी है.
राधे मां
बाबाओं की जमात एक मां भी है, हालांकि ये आज़ाद हैं. लेकिन विवादों की क़ैद में हैं. आस्था के नाम पर ये अपने भक्तों को ऐसे-ऐसे आइटम पेश करती हैं कि भक्त भी शर्मा जाए. इधर फिर सुर्खियों में हैं. अपने नए वीडियो और गाने को लेकर. इल्ज़ाम इन पर भी कई हैं. सब इनकी हरकतें भी समझ गए हैं. इल्ज़ाम से वाकिफ़ ही हैं. तो देर किस बात की.