उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड की साजिश के आरोपी अशरफ अहमद के साले सद्दाम पर ADG जोन पीसी मीना ने एक लाख का इनाम घोषित किया है. बता दें कि 17 अप्रैल को सद्दाम पर आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने 50 हजार का इनाम तय किया था. इसके बाद अब एडीजी जोन की ओर से इनाम की राशि बढ़ा दी गई है.
लगातार हो रही छापेमारी
अशरफ के साले सद्दाम की गिरफ्तारी को लेकर सीओ आशीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईटी और पुलिस की टीमें बरेली से रवाना हो गई हैं. बरेली मे भी कई जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है. इसके लिए कई टीमों को लगाया गया है. बताया जा रहा है कि प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में रहने वाला सद्दाम बरेली के थाना बिथरी चैनपुर और बारादरी थाना पुलिस की वांटेड लिस्ट में है.
अभी तक ये जा चुके जेल
इस मामले में बरेली पुलिस, लल्ला गद्दी, शिवहरी अवस्थी और कैंटीन में सामान सप्लाई करने वाले दयाराम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. आरोप है कि ये लोग बरेली जेल में पूर्व विधायक और अतीक के भाई अशरफ से नियमों को दरकिनार कर मुलाकात कराते थे.
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अब तक पुलिस लल्ला गद्दी, जेल में तैनात सिपाही शिवहरी अवस्थी, मनोज गौड़, दयाराम उर्फ नन्हे, राशिद अली, फुरकान, नबी खान, मोहम्मद सरफुद्दीन, फरहत उर्फ गुड्डू और आरिफ को गिरफ्तार कर चुकी है. लल्ला गद्दी के सरेंडर करने के बाद से ही सद्दाम फरार चल रहा है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है. अब उस पर इनाम की राशि एक लाख कर दी गई है.
बरेली जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया अशरफ
बरेली जेल में बंदी रक्षकों की मदद से अशरफ की गैरकानूनी मुलाकात के बाद अतीक के कुनबे को सीसीटीवी की निगरानी में हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था. बरेली जेल में अशरफ को हाई सिक्योरिटी बैरक में भेजा गया था. अशरफ की किसी से मुलाकात पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी. उस पर सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही थी.
जेल में चिकन बिरयानी मंगाता था अशरफ
अशरफ अहमद को पीलीभीत के रहने वाले आरिफ की दुकान की चिकन बिरयानी पसंद थी. समय-समय पर आरिफ चिकन बिरयानी जेल में पहुंचाता था. कई बार जेल में अशरफ की डिमांड पर बिरयानी के अलावा खाने-पीने का अन्य सामान भी पहुंचाया गया था. इसका जब खुलासा हुआ तो पुलिस ने लल्ला गद्दी को गिरफ्तार किया था.
15 अप्रैल की रात प्रयागराज में कर दिया गया था अतीक और अशरफ का मर्डर
प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल को तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. तीनों हमलावर पत्रकार बनकर पहुंचे थे, और उस समय गोली मारी जब पुलिस अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए लेकर जा रही थी. घटना के बाद पुलिस ने तीनों हमलावरों को पकड़ लिया था. पुलिस के अनुसार, अतीक और अशरफ पर गोली चलाने वाले तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है.
झांसी में यूपी एसटीएफ ने कर दिया था अतीक के बेटे असद और गुलाम का एनकाउंटर
बता दें कि उमेश पाल मर्डर केस में फरार होने के बाद अतीक के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम का यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया था. यूपी एसटीएफ ने कहा था कि असद और गुलाम के साथ झांसी के पारीछा डैम के पास मुठभेड़ हुई थी, जिसमें क्रॉस फायरिंग में दोनों की मौत हो गई. उन दोनों पर पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
अशरफ से जेल में एक ID से मिलते थे 10-10 लोग
अशरफ से गैरकानूनी तरीके से मिलने के मामले में अब तक कई लोगों पर एक्शन हो चुका है. इनमें दो जेल के सिपाही थे. एंट्री रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि करीब 45 लोग जेल में अशरफ से मिलने पहुंचे थे. इन्होंने अपने आधार कार्ड लगाए थे. इसमें 28 प्रयागराज के, 10 बरेली और 3 पीलीभीत के लोग शामिल थे. इनमें आईडी भले ही 45 लोगों की लगी हो, लेकिन एक-एक आईडी पर अशरफ से करीब 10-10 लोग मिलते थे.
उमेश पाल की हत्या से पहले 13 लोगों से मिला था अशरफ
प्रयागराज में उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. इस वारदात से 13 दिन पहले यानी 11 फरवरी को अशरफ 8 से 9 लोग मिलने पहुंचे थे. पुलिस और अन्य एजेंसियों को सीसीटीवी से यह जानकारी मिली थी. इस मुलाकात में अतीक का बेटा असद, लल्ला गद्दी, उस्मान चौधरी और गुड्डू मुस्लिम मोहम्मद सहित करीब 9 लोग शामिल थे. यह मुलाकात आकिब नाम की आईडी पर हुई थी, जो प्रयागराज की थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सद्दाम 26 दिसंबर के बाद से बरेली नहीं पहुंचा. यह उसकी प्लानिंग का हिस्सा भी हो सकता है. हालांकि, उसके गुर्गे लगातार अशरफ से मिलते रहे.