अभी तक आपने देश के लगभग हर थाने के सूचना पटल पर शातिर अपराधियों और जरायमपेशा मुजरिमों की तस्वीरें लगी देखी होंगी, मगर मध्य प्रदेश के भोपाल संभाग के थानों में अब पुलिस वालों की तस्वीरें भी नजर आएंगी. ये तस्वीरें अच्छा और बुरा काम करने वाले पुलिस जवानों की होंगी. यह प्रयोग बुरा काम करने वाले जवानों को हतोत्साहित और अच्छे जवानों को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है.
भोपाल संभाग में भोपाल के अलावा राजगढ़, सीहोर तथा विदिशा जिले आते हैं. इन जिलों के जवानों के काम करने के तौर-तरीके में बदलाव लाने के मकसद से पुलिस अफसरों ने अभिनव प्रयोग करने का फैसला लिया है. इस प्रयोग के तहत हर थाने से एक अच्छा और एक बुरा पुलिस जवान चुना जाएगा.
भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक रमन सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस जवानों के प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाई गई है. इसके तहत सबसे पहले क्राइम एंड क्रिमनल टेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के जवानों पर ही यह अभिनव प्रयोग किया जाएगा.
डीआईजी सिकरवार के मुताबिक हर थाने से प्रति माह काम के मामले में एक अच्छे और एक बुरे पुलिस जवान का चयन होगा, यह चयन संबंधित थाने के प्रभारी, उस क्षेत्र के नगर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिलकर करेंगे. चयनित जवान की तस्वीर सूचना पटल पर लगेगी, साथ ही उसका नाम और काम दोनों उस पर दर्ज रहेंगे.
उन्होंने आगे बताया कि इस प्रयोग का मकसद अच्छा काम करने वाले जवान केा प्रोत्साहित और बुरा काम करने वालों को हतोत्साहित करना है. अभी तो सिर्फ सीसीटीएनएस के जवानों के लिए यह प्रयोग है, आगे चलकर हर थाने से तीन अच्छे और तीन बुरे जवानों का चयन किया जाएगा.
भोपाल पुलिस के इस प्रयोग से यह उम्मीद तो की ही जा सकती है कि आने वाले वक्त में पुलिस जवानों के कामकाज को लेकर मौके-बेमौके टीका-टिप्पणी में कमी आएगी.
इनपुट: IANS