
बिहार को दहला देने वाले लखीसराय गोलीकांड के बाद अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन आरोपी आशीष चौधरी उर्फ छोटू अभी तक फरार है. पुलिस उसे तलाश कर रही है. इस मामले में तफ्तीश के दौरान पूरी कहानी पलट चुकी है. जो मामला पहले एक तरफा प्यार का बताया जा रहा था. वो पति-पत्नी और वो की कहानी बनकर सामने आया है. जिस आशीष ने पूरे झा परिवार को गोली मारी और तीन लोगों की जान ले ली, दरअसल, वो आशीष झा परिवार का दामाद निकला. ये खुलासा हाल ही में हुआ है.
20 नवंबर 2023
उस महापर्व के मौके पर दुर्गा झा का परिवार सुबह छठ घाट से अर्घ्य के बाद घर लौट रहा था. तभी आशीष ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर पूरे झा परिवार को अपना निशाना बना डाला था. उसने 6 लोगों को गोली मारी थी. नतीजा ये हुआ कि अब तक उन 6 में से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में एक लड़की दुर्गा और उसके दो भाई शामिल हैं. जबकि तीन लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं.
आशीष फरार, एक गिरफ्तारी
अब इस मामले में पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है. मामले में गठित एसआईटी की टीम ने एक लाइनर राजन पासवान और मुख्य आरोपी आशीष चौधरी के सहयोगी उमेश साव को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि मुख्य आरोपी आशीष उर्फ छोटू का अबतक कोई सुराग नहीं मिला है. इस वारदात में प्रयुक्त हथियार, कारतूस और दस खोखा भी बरामद किए गए हैं.
लड़की समेत तीन की मौत
डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना में चंदन झा, राजनंदन झा की मौत पहले ही हो गई थी जबकि दुर्गा झा की मौत इलाज के दौरान पटना पीएमसीएच में हो गई है. जबकि तीन लोग इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती हैं. डीआईजी ने बताया कि आरोपी आशीष चौधरी के घर से एक डायरी मिली है, जिसमें आशीष चौधरी ने दुर्गा झा के साथ प्रेम कहानी और वेवफाई की कहानी लिखी है.
दोषी पुलिसवालों पर भी होगी कार्रवाई
डीआईजी ने बताया कि दुर्गा का किसी और से प्रेम -प्रसंग चल रहा था, जो आशीष को नागवार गुजरा और 20 नवंबर की सुबह इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. हालांकि मृतकों के परिजनों का आरोप है कि दो साल पूर्व इस घटना का लिखित आवेदन कबैया थाना को दे रखा था. लेकिन कबैया पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की. डीआईजी संजय कुमार सिंह ने कहा कि अभिलेख को देखकर दोषी पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी.
आरोपी ने लिखा है 15 पन्नों का नोट
इस खूनी वारदात के आरोपी आशीष ने 15 पेज का अतीत नाम से एक नोट लिखा है. जिसमें उसने अपना पूरा परिचय और पता दर्शाते हुए प्रेमिका दुर्गा के साथ रिलेशनशिप से लेकर विवाद तक को दर्शाते हुए लिखा है. उसने नोट में अपनी प्रेमिका दुर्गा झा से प्रेम प्रसंग स्टार्ट होने की बात लिखी है. और दुर्गा के प्रेशर पर उसे पटना ले जाने और पटना में ही एक गर्ल्स हॉस्टल में रखने और उसका पूरा खर्चा उठाने का जिक्र किया है.
शादी के बाद पटना में रहते थे दोनों
आशीष ने बताया है कि जो लड़का खुद मां बाप के पैसों पर फुटानी करता था वो आज उस लड़की के लिए मजदूरी कर रहा है. लेकिन फिर भी वो दुर्गा से बहुत प्यार करता था. तो कभी बुरा नहीं लगा. इसके बाद दुर्गा ने मुझे साथ रहने को कहा. तब पटना के नाला रोड में एक किराए पर मकान लिया और दोनों साथ रहने लगे. कुछ दिन बाद दोनों ने शादी भी की. फिर दोनों 2018 में छठ पूजा पर घर आए थे, लेकिन दोनों अपने-अपने घर में रहते थे और बातचीत नहीं होती थी और कुछ दिन बाद ही वापस फिर से पटना चले गए गए थे.
ऐेसे बिगड़ा रिश्ता
आशीष ने आगे लिखा है कि उसी ने दुर्गा की पटना के हथुआ मार्केट में तनिष्क ज्वेलर्स में नौकरी लगवाई थी. जिसके बाद से इनके मन में दूरी बढ़ने लगी. इसी दौरान आशीष को पता चला कि उसकी पत्नी का किसी और लड़के के साथ अफेयर है. आरोपी आशीष ने 3 जनवरी 2021 रात दस बजे का जिक्र करते हुए लिखा है कि उस रात जो घटना घटी, उससे वो टूट गया. उस दिन के बाद से वो घुट घुट कर जीने लगा था. उसे पता चला कि भागलपुर का एक लड़का जिसका नाम सुमित है, उसके साथ भी दुर्गा का अफेयर है.
एक दिन रात को आशीष ने वीडियो कॉल पर देखा कि उसकी पत्नी एक लड़के के साथ बेड पर थी और जब मैंने पूछताछ की तो लड़के ने अपना नाम सुमित बताया जो भागलपुर का रहने वाला था. अब उसका शक यकीन में बदलने लगा. फिर उसकी पत्नी नादानी में गलती होने का हवाला देकर रोने लगी तो आशीष ने उसे माफ कर दिया. फिर वो लोग 14 मार्च को 2021 को अपने घर लखीसराय लौटे तो दुर्गा का असली रूप बाहर आने लगा.
आशीष लिखता है कि अब दुर्गा को उसकी जरूरत नहीं थी और उसने सिर्फ अपनी जरूरत पूरा करने के लिए उसका इस्तेमाल किया. फिर दुर्गा और उसके परिवार वालों ने 16 मार्च 2021 की रात आशीष के घर पर आकर बहुत गालियां दी. उसी दिन आशीष ने उन लोगों को सबक सिखाने की कसम खा ली थी. आगे लिखा है कि अगर वो खुद मरता तो लोग कहते कि लड़की के चक्कर में मर गया लेकिन उसे ये साबित करना था कि लड़की ने जैसा लड़के के साथ किया, वैसा अंजाम दिया. वो कायर नहीं है, जो खुद कुछ कर लेता.
ऐसे खाई थी बदला लेने की कसम
आशीष लिखता है कि दुर्गा के छोड़ जाने के बाद वो जीने लायक नहीं था. लेकिन दोस्तों ने उसकी मदद की डिप्रेशन से उभरने में. लेकिन अब वो असफल रहे. इतना कुछ होने के बाद वो समझ चुका था कि दुर्गा ने उसके साथ प्यार का नाटक कर सिर्फ उसका इस्तेमाल किया. वो पिछले 3 साल से हर दिन मर-मर कर जी रहा था. उसके अंदर बदले की भावना जागृत होने लगी थी. इस गलत भावना को मन से निकालने के लिए भगवान का सहारा भी लिया और भगवान से प्रार्थना की, कि उसे सही मार्ग दिखाएं.
फिर उसने फैसला किया कि 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लिया जाए ताकि उसे मोक्ष प्राप्ति होती है फिर उसके पास महादेव साधना के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा था. फिर आशीष ने दोस्तों ने कहा कि चलो बाइक से ऑल इंडिया राइड पर घूमने चलते हैं, जहां सारा खर्चा उसका होगा लेकिन ऐन वक्त पर अभिषेक भी धोखा दे दिया. इसके बाद वो अकेले बाइक से 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने निकल गया और सभी जगह जाकर वो दिल से बहुत रोया.
वहीं आज 19 नवंबर को उसने अशोक धाम मंदिर में जाकर बाबा से मिन्नत की कि उसे अधर्म करने से रोकें और एक चांस मांगा कि अगर वो मिल गया तो बदले की भावना टल जायेगी. पर महादेव को भी ये पसंद नहीं. तब हमारी मृत्यु तय है और तांडव भी. इसके बाद आरोपी ने हर हर महादेव, जय श्रीराम लिखा है.
(मुंगेर से गोविंद और लखीसराय से बिनोद गुप्ता का इनपुट)