उत्तर प्रदेश के नगीना शहर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के खिलाफ जो शिकायत दर्ज करवाई गई थी, उसे बिजनौर पुलिस ने बेबुनियाद पाया है. इसमें एक पत्रकार ने चंपत राय के खिलाफ नगीना शहर में जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था. इन आरोपों के बाद चंपत राय के भाई संजय बंसल ने अपने ही शहर में रहने वाले तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया था.
सोमवार को यूपी पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. बिजनौर के एसपी धरमीर सिंह ने कहा, 'चंपत राय और उनके परिवार पर जो आरोप लगाए गए हैं. शुरुआती जांच में वह बेबुनियाद दिखते हैं.'
चंपत राय पर पत्रकार ने लगाए थे आरोप
चंपत राय के शहर नगीना के रहने वाले विनीत नारायण ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी के नाम एक फेसबुक पोस्ट लिखी. उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने भाइयों के साथ मिलकर इंडोनेशिया में रहने वाली एक महिला की गौशाला की जमीन पर कब्जा किया है. दावा किया गया था कि इस जमीन की कीमत 50 करोड़ के आसपास है. साथ ही कहा गया कि महिला प्रशासन से अपनी शिकायत कर चुकी है लेकिन चंपत राय के दबाव में कोई भी अधिकारी इस महिला की मदद करने को तैयार नहीं है.
फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि चंपत राय ने अपने भाइयों के साथ मिलकर उस जगह पर कॉलेज खोलकर उसे यूनिवर्सिटी से मान्यता भी दिलवा दी है. पोस्ट में इंडोनेशिया की प्रवासी महिला अलका लोहाटी का जिक्र किया गया था. जिनके मुताबिक, वहां उनके पिता ने 1950 में एक गौशाला बनाई थी.
चंपत राय के भाई ने भी दर्ज करवाई शिकायत
चंपत राय के भाई संजय बंसल ने तीनों आरोपियों पर गाली-गलौज करने और गलत आरोप गढ़कर बदनाम करने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपनी तहरीर में लिखा है कि इससे उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा है. ऐसे पोस्ट से समाज में अशांति पैदा हो सकती है. संजय बंसल की शिकायत में विनीत, अलका के साथ-साथ रजनीश नामक शख्स का नाम है.