
काशीपुर फायरिंग कांड (Kashipur Firing case) में जान गंवाने वाली गुरप्रीत कौर के पति गुरताज सिंह भुल्लर ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. बीजेपी नेता और काशीपुर में ब्लॉक प्रमुख गुरताज ने कहा है कि अगर जांच के दौरान मैं गलत पाया जाता हूं तो मुझ पर भी एक्शन लिया जाए. दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है. इसलिए जांच सच्ची जांच होनी चाहिए.
गुरताज सिंह ने यूपी पुलिस पर इल्जाम लगाया है. उसने कहा है कि पुलिसवाले नशे में थे और उन्होंने मेरी पत्नी की हत्या कर दी. यूपी पुलिस ने कहा है कि उन्हें बंधक बनाया गया. ये मनगढ़ंत कहानी है. सड़क पर हर जगह कैमरे लगे हुए हैं. उनकी जांच की जाए. सरकार का जनप्रतिनिधि होते हुए भी मेरे साथ यह सब हुआ है.
बुधवार को हुई थी फायरिंग की घटना
खनन माफिया जफर की मुरादाबाद पुलिस को काफी समय से तलाश थी. उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा हुआ है. बुधवार को मुरादाबाद पुलिस जफर का पीछा कर रही थी. तभी वो राज्य की सीमा पार कर उत्तराखंड में प्रवेश कर गया था. पीछे-पीछे मुरादाबाद पुलिस भी चली गई थी.
उधम सिंह नगर के काशीपुर में ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर ने जफर को अपने घर में शरण दे दी थी. टीम वहां पहुंची और जफर को बाहर आने को कहा. इस पर ब्लॉक के लोगों ने पुलिस को घेर लिया. एसएचओ सहित अन्य पुलिसकर्मियों के हथियार छुड़ा लिए थे. सभी को बंधक बनाकर पीटा भी था. जानकारी मिलने पर उधम सिंह नगर पुलिस ने जाकर यूपी पुलिस को मुक्त कराया था. मारपीट में यूपी पुलिस के 6 जवानों को चोटें आई थीं. लेकिन इस दौरान हुई गोलीबारी में गुरताज की पत्नी की मौत हो गई थी.
किसकी गोली से हुई मौत ?
भाजपा नेता की पत्नी की मौत किसकी गोली से हुई? इस पर भी विवाद है. उत्तराखंड पुलिस के फॉरेंसिक डायरेक्टर का कहना है कि यूपी पुलिस के एचएचओ की गोली लगने से महिला की मौत हुई. वहीं, पुलिस का कहना है कि हमारे हथियार छुड़ा लिए गए थे. हमारी ओर से फायरिंग नहीं की गई. वहां फायरिंग हुई लेकिन हमने गोली नहीं चलाई. हमारे हथियारों को उत्तराखंड पुलिस ने गुरताज के घर से बरामद किया हैं.
आमने-सामने यूपी पुलिस और उत्तराखंड पुलिस
काशीपुर फायरिंग केस में मुरादाबाद पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस आमने-सामने है. मुरादाबाद पुलिस का दावा है कि खनन माफिया और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की, जबकि उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि फायरिंग सिर्फ यूपी पुलिस की ओर से की गई है. उत्तराखंड पुलिस के फॉरेंसिक डायरेक्टर का कहना है कि क्रॉस फायरिंग नहीं हुई है. एकतरफा फायरिंग हुई है और गोली सरकारी पिस्टल से निकली हुई पाई गई है.
वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कुमाऊं रेंज के डीआईजी निलेश आनंद का कहना है कि यूपी पुलिस हमें बिना सूचना दिए यहां आई और घर में घुसकर फायरिंग की जिससे एक महिला की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि यह एक संगीन अपराध है इसलिए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.
मुरादाबाद पुलिस ने दिया था यह जवाब
उत्तराखंड पुलिस के आरोप पर मुरादाबाद के एसएसपी हेमंत कुटियाल ने कहा था कि जब पुलिस के असलहे लूट लिए गए तो वह फायरिंग कैसे कर सकती है. हमारी तरफ से गोली चली ही नहीं. हमने लोकल पुलिस को सूचना दी थी और हमारे पास इसके पुख्ता सबूत हैं. उन्होंने कुछ नहीं किया तो ये उनकी गलती है.
एसएसपी ने ये भी कहा कि हमारी टीम को बंधक बनाया गया, हमला किया गया और अपराधी को भगा दिया गया. साथ ही उन्होंने कहा था, 'जिन्होंने हमारे पुलिस वालों के साथ ये किया है उन पर कड़ा एक्शन लेंगे और NBW करवाकर अरेस्टिंग भी होंगी. हमारे 6 लोग घायल हुए हैं, एक इंस्पेक्टर को फायर आर्म इंजरी है.'
पकड़ा गया खनन माफिया जफर
शनिवार सुबह पांच बजे मुरादाबाद पुलिस ने खनन माफिया गैंगस्टर जफर को मुठभेड़ में पकड़ा है. दिल्ली हाईवे पर मोटरसाइकिल के जरिए भागने की कोशिश कर रहे जफर ने पुलिस पर पहले गोली चलाई. जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली जफर के पैर में जा लगी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. उसके पास से .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई है. पुलिस ने जफर पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. उसे इलाज के लिए मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मुठभेड़ में पुलिस के एक जवान को भी चोट आई है.