पिछले साल 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. मुंबई पुलिस के बाद देश की तीन बड़ी एजेंसियां इस केस की छानबीन में जुटी रही. लेकिन एक साल बाद भी ये पहेली अनसुलझी नजर आती है. एक साल से लाखों लोग सुशांत के मामले में इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन 3 केंद्रीय जांच एजेंसियां मिलकर भी सुशांत सिंह की मौत के कारणों का पता नहीं लगा पाई हैं.
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. उनकी मौत के एक साल बाद उनके लाखों प्रशंसक इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि आज तक कोई भी जांच एजेंसी उनकी मृत्यु के कारण का खुलासा नहीं कर पाई है.
शुरुआती दौर में मुंबई पुलिस ने इस केस की छानबीन की थी. लेकिन बाद में इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को दे दी गई थी. ताकि देश की ये तीनों बड़ी एजेंसियां सुशांत की मौत के संभावित कारण का पता लगा सकें.
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने महाराष्ट्र सरकार और बिहार सरकार के बीच एक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था. जिसके बाद केंद्र ने हस्तक्षेप किया और सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो को सुशांत की मौत के संबंध में जांच करने का निर्देश दिया था.
इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की. फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. सीबीआई और ईडी के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भी इस मामले में कदम रखा. एनसीबी की एंट्री तब हुई, जब व्हाट्सएप चैट से पता चला कि अभिनेता सुशांत को ड्रग्स दिया गया था. हालांकि, इनमें से कोई भी एजेंसी सुशांत सिंह राजपूत की मौत के संभावित कारणों का पता नहीं लगा पाई है.
सीबीआई जांच
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का दावा है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है. संघीय जांच एजेंसी ने अपनी जांच के दौरान रिया चक्रवर्ती, उनके पिता, मां, भाई, सुशांत के घर के कर्मचारियों, उनके दोस्त सिद्धांत पिठानी सहित उन सबके बयान दर्ज किए, जो सुशांत की मौत के वक्त उनके अपार्टमेंट में मौजूद थे. यहां तक कि सुशांत के पूर्व प्रबंधक, मुंबई पुलिस के जांच अधिकारी और पूर्व में अभिनेता का इलाज करने वाले डॉक्टरों के बयान भी लिए गए थे. सीबीआई ने एम्स के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से क्राइम सीन फिर से क्रिएट किया था और विसरा के नमूने सहित सभी संभावित सबूत जांच के लिए भेजे थे.
एम्स के डॉक्टरों के एक पैनल ने सुशांत के विसरा के नमूनों और ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच की और इस मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और पैनल ने सीबीआई को बताया कि यह आत्महत्या का मामला है, न कि हत्या का.
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एक बयान में सीबीआई ने कहा था, ''जांच के दौरान शिकायतकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों द्वारा उठाए गए सवालों, हालातों और आशंकाओं को समझने के लिए सभी गवाहों से पूछताछ की गई है. इस संबंध में गहन जांच की गई है.''
एजेंसी का दावा है कि नई वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके गहन और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है. सीबीआई ने डिजिटल उपकरणों में उपलब्ध डेटा के एनालिसिस के लिए नए सॉफ्टवेयर सहित उन्नत मोबाइल फॉरेंसिक उपकरण का भी इस्तेमाल किया और मामले से संबंधित मोबाइल फोन टावर और लोकेशन के डंप डेटा को रिकवर करने के लिए भी आधुनिक तकनीक अपनाई गई.
विशेषज्ञों की मदद से एजेंसी सुशांत सिंह राजपूत का मानसिक विश्लेषण भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा होगा जिसकी वजह से उन्होंने आत्महत्या की. जांच के दौरान, संघीय एजेंसी की टीम इस मामले में सबूत इकट्ठा करने और बयान दर्ज करने के लिए अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर और पटना तक भी गई.
इस मामले से जुड़े हालात और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए जांच टीम और आला अधिकारियों ने कई बार मौके पर घटना स्थल का दौरा भी किया था. क्या सुशांत के लिए आत्महत्या करना संभव था या यह एक मंचित आत्महत्या थी, यह जानने के लिए विशेषज्ञों ने सिमुलेशन अभ्यास भी किया. सीबीआई ने अभिनेता का पोस्टमॉर्टम करने वाले कूपर अस्पताल के डॉक्टरों से भी पूछताछ की.
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मुंबई पुलिस ने डॉक्टरों की राय और बयानों के आधार पर कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या से हुई है. सीबीआई को यह बताने के लिए भी ठोस सबूत नहीं मिले हैं कि क्या रिया चक्रवर्ती अभिनेता के आत्महत्या करने का कारण थीं, जैसा कि सुशांत के परिवार ने आरोप लगाया था.
इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू के दौरान रिया चक्रवर्ती ने कहा था कि उन पर लगे आरोप गलत हैं और वह सुशांत राजपूत की मौत से छह दिन पहले उनके घर से चली गई थीं. रिया ने अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलने के एक दिन बाद 9 जून, 2020 को सुशांत का नंबर भी ब्लॉक कर दिया था.
प्रवर्तन निदेशालय की जांच
सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने आरोप लगाया था कि दिवंगत अभिनेता के 15 करोड़ रुपये रिया और उनके भाई ने छीन लिए थे. इसी आरोप को आधार बनाकर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.
ईडी ने जांच के दौरान रिया और परिवार के अन्य लोगों के बयान दर्ज किए. वित्तीय जांच एजेंसी ने पाया कि सुशांत से जुड़ी तीन फर्म रिया चक्रवर्ती और उनके भाई की साझेदारी में थीं और अभिनेता के खाते से कई लेन-देन किए गए थे. हालांकि, इस मामले में ईडी कोई ठोस सबूत खोजने में नाकाम रही कि रिया ने सुशांत के खाते से 15 करोड़ रुपये निकाले थे.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच
रिया चक्रवर्ती के कथित व्हाट्सएप चैट में ड्रग्स के बारे में बातचीत का खुलासा होने के बाद ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक मामला दर्ज किया था. एनसीबी ने इस मामले में रिया, उसके भाई और कई ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया था. आरोप था कि सुशांत के नौकरों समेत रिया और घर के अन्य लोग सुशांत को ड्रग्स दे रहे थे. हालांकि, एनसीबी यह खुलासा करने में विफल रही कि रिया ने सुशांत को ड्रग्स दिया था और वही ड्रग्स उसकी मौत का कारण बनी.