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Darshan Solanki Suicide Case: बॉम्बे आईआईटी के छात्र दर्शन सोलंकी (Darshan Solanki) की आत्महत्या के मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने मंगलवार को विशेष एसी/एसटी अदालत में 473 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी. इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके दर्शन सोलंकी के क्लासमेट अरमान खत्री को ही आरोपी बनाया गया है.
संगीन धाराओं में दर्ज है मामला
पुलिस के मुताबिक, यह चार्जशीट भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 506 (2) (धमकी) और धारा 3 (2) (v), 3 (2) (va) के तहत दायर की गई है. साथ ही आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. आखिर क्या है ये पूरा मामला? चलिए एक बार फिर से आपको बता देते हैं.
12 फरवरी 2023
दर्शन सोलंकी नाम का युवक देश के प्रतिष्ठित संस्थान बॉम्बे आईआईटी में केमिकल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष का छात्र था. अचानक 12 फरवरी को उसने अपने छात्रावास की इमारत की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी. इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया था. हर कोई हैरान परेशान था. आखिर दर्शन ने ऐसा कदम क्यों उठाया. किसी को उसकी मौत पर यकीन नहीं हो रहा था. वारदात की खबर लगते ही आईआईटी प्रशानस ने पुलिस को सूचना दे दी थी. घटना के कुछ देर बाद पुलिस मौके पर थी.
जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन
दर्शन के सुसाइड की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई थी. छात्रों का गुस्सा भी भड़क उठा था. इस घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन होने लगे थे. मृतक छात्र दलित समुदाय से था, लिहाजा दलित संगठन भी सड़कों पर आ गए थे. ऐसे में सरकार ने पुलिस को दलित छात्र की आत्महत्या के कारणों की जांच करने का फरमान सुनाया था. दबाव बढ़ा तो इस मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (Special Investigation Team) का गठन किया गया था.
9 अप्रैल 2023
यही वो तारीख थी, जब मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने दर्शन सोलंकी के सहपाठी अरमान खत्री को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. उसके खिलाफ आईपीसी के अलावा एससी/एसटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था.
6 मई 2023
दर्शन सोलंकी सुसाइड केस में आरोपी अरमान खत्री के वकील ने उसकी जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने 6 मई को अरमान की जमानत मंजूर कर ली थी और वो जेल से बाहर आ गया था. आरोपी को 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी गई थी.
केस में 55 गवाह, 14 छात्र भी शामिल
इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक, इस मामले में 55 गवाह हैं, जिनमें से 14 छात्र हैं. उनमें से ज्यादातर हॉस्टल की उसी मंजिल पर रहते हैं, जहां दर्शन सोलंकी रहते थे. इनके अलावा सात प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर को भी इस केस में गवाह बनाया गया है. पुलिस ने दर्शन सोलंकी, अरमान खत्री और कुछ अन्य के लोगों के बीच व्हाट्सएप चैट को भी अटैच किया है. एक पेपर कटर भी जब्त किया गया है जिससे खत्री ने सोलंकी को परोक्ष धमकी दी थी.
सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए दर्शन ने अरमान से मांगी थी माफी
आरोपी अरमान खत्री के साथ दर्शन सोलंकी की चैट से पता चलता है कि दर्शन सोलंकी ने एक सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए अरमान से माफी मांगी थी. माफी मांगते हुए उसने अरमान से कहा था कि वह मुंबई छोड़ रहा है. एक चश्मदीद के मुताबिक आरोपी अरमान ने सोलंकी से कहा था कि अगर वह मुंबई छोड़ देगा तो वो जहां जाएगा, वो भी उसके पीछे आएगा. इस बात से दर्शन सोलंकी डर गया था.
कटर दिखाकर दी थी धमकी
पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं के कारण ही दर्शन ने आत्महत्या की. इस मामले में दर्शन सोलंकी के परीक्षक और अंकों से संबंधित शिक्षकों के बयान भी शामिल किए गए हैं. मुंबई पुलिस की SIT के एक अधिकारी ने बताया था कि आरोपी अरमान और दर्शन के बीच कहासुनी होती थी, जिसके बाद आरोपी अरमान ने एक कटर दिखाकर दर्शन को धमकाया था.
सुसाइड नोट में लिखा था अरमान का नाम
दरअसल, आरोपी अरमान खत्री भी आईआईटी बॉम्बे का छात्र है. पुलिस ने जो सुसाइड नोट बरामद किया था उसमें अरमान का नाम लिखा था. पुलिस ने दर्शन सोलंकी के आत्महत्या मामले में कई लोगों का बयान दर्ज किए थे. SIT की पूछताछ में आईआईटी बॉम्बे के कई स्टूडेंट्स ने पुलिस को बताया कि आत्महत्या के कुछ दिनों पहले दर्शन सोलंकी और अरमान के बीच विवाद हुआ था.
छात्रों के बयान से खुलासा
पुलिस ने जब अन्य छात्रों से विवाद की वजह पूछी थी तो उन्होंने बताया था कि दर्शन सोलंकी ने समुदाय विशेष के बारे में टिप्पणी की थी. उसी बयान के बाद अरमान ने दर्शन सोलंकी को कटर (Cutter) दिखा के धमकाया था. अरमान ने दर्शन से कहा भी था कि मैं तुझे छोडूंगा नहीं. हालाकि बाद में दर्शन सोलंकी ने उस बयान को लेकर कई बार अरमान से माफी भी मांगी थी.
परिवार ने बताया था सुनियोजित हत्या
दर्शन के परिवार के सदस्यों का आरोप था कि दर्शन को जाति के आधार पर परेशान किया जा रहा था और यह आत्महत्या का मामला नहीं है, यह सुनियोजित हत्या है. मृतक दर्शन के परिवार ने न्याय और विस्तृत जांच की मांग की थी. मृतक दर्शन सोलंकी की बहन जाह्नवी ने उस वक्त कहा था कि शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन एक बार जब उन्हें पता चला कि दर्शन एससी समुदाय से है तो उसका उत्पीड़न शुरू हो गया था.