इंदौर पुलिस ने राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र की निहालपुर मुंडी में ट्रॉली बैग में मिले शव के मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस ने महाराष्ट्र के कल्याण से एक महिला, उसकी बेटी और दामाद को हिरासत में लिया है. पुलिस का दावा है कि महिला ही मास्टरमाइंड है, जिसने अपने ही पति की हत्या कर दी थी. शव को ठिकाने लगाने के लिए 600 किलोमीटर का सफर तय किया और बेटी व दामाद की मदद से शव को इंदौर में जलाकर फरार हो गई.
दरअसल इंदौर की राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने रविवार सुबह निहालपुर मुंडी स्थित एक खेत से ट्रॉली बैग से अधजला शव बरामद किया था. पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए कल्याण से 60 साल की राजकुमारी मिश्रा, उसके दामाद उमेश शुक्ला और बेटी नम्रता शुक्ला को हिरासत में लिया. पूछताछ में राजकुमारी ने बताया कि शव उसके पति संपतलाल मिश्रा का है. उसने पति के सिर पर वार कर हत्या कर दी थी.
वारदात के बाद राजकुमारी ने ही शव को ट्रॉली बैग में पैक किया और उमेश की कार की डिक्की में रखकर बेटी नम्रता और दामाद के साथ 600 किमी दूर इंदौर आई और सुनसान जगह देखकर आग लगा दी. आरोपी उमेश मुंबई में ही नामी मोबाइल कंपनी में नौकरी करता है. चेक पोस्ट पर पुलिस कार की जांच नहीं करे, इसलिए उसने बच्चों को भी बैठा लिया था. पुलिस ने टोल नाका, होटल और ढाबों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक कार नजर आई जो घटनास्थल के आसपास देखी गई थी. टोल नाकों से कड़ियां जोड़ीं और इंदौर पुलिस उमेश तक पहुंच गई.
उसकी लोकेशन इंदौर में मिली तो इस बात की पुष्टि हो गई कि वह घटनास्थल पर मौजूद था. बुधवार को जैसे ही पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो प्रारंभिक पूछताछ में ही वह टूट गया. पुलिस ने राजकुमारी को हिरासत में लिया तो उसने कहा कि संपत अक्सर झगड़ा करता था. शनिवार को कहासुनी के बाद उसने धक्का दिया तो वह सिर के बल गिर गया. बेहोश होने पर अस्पताल नहीं ले जाते हुए उसने बैग में पैक कर दिया. नम्रता को पूरी घटना बताई और उमेश के साथ मिलकर शव कार में रख लिया और इंदौर में लाकर जला दिया.