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Bulli Bai Case: जांच में एक बार फिर से सामने आई दिल्ली और मुम्बई पुलिस की खींचतान

Bulli Bai ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें लगाकर बोली लगवाने का मामला जैसे ही सामने आया लोग भड़क उठे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद साउथ ईस्ट दिल्ली के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की.

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दिल्ली पुलिस की टीम ने नीरज बिश्नोई को जोरहाट से गिरफ्तार किया है
दिल्ली पुलिस की टीम ने नीरज बिश्नोई को जोरहाट से गिरफ्तार किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महिला पत्रकार की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
  • दिल्ली पुलिस ने ऐप के बारे में Github से मांगी थी जानकारी

बुल्ली बाई (Bulli Bai) मामले के मुख्य साजिशकर्ता नीरज बिश्नोई को दिल्ली पुलिस ने असम से गिरफ्तार कर लिया. इसके पहले मुंबई पुलिस इसी केस में एक लड़की समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी. लेकिन जब बात मास्टरमाइंड नीरज बिश्नोई को पकड़ने की आई तो दिल्ली पुलिस ने बाज़ी मार ली. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तारी के वक्त मुंबई पुलिस की टीम नीरज बिश्नोई से महज एक घंटे की दूरी पर थी.

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Bulli Bai ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें लगाकर बोली लगवाने का मामला जैसे ही सामने आया लोग भड़क उठे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पहले साउथ ईस्ट दिल्ली के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की. फिर उसे जांच के लिए आईएफएसओ को ट्रांसफर कर दिया गया. 

दिल्ली पुलिस अभी इस मामले में जांच की बात ही कर रही थी कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड से श्वेता और बेंगलुरु से विशाल कुमार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे. सिर्फ बुल्ली बाई केस को लेकर ही नहीं बल्कि 5 महीने पहले के सुल्ली डील मामले में भी दिल्ली पुलिस घेरे में आ गई. हालांकि एक्शन में देरी की वजह दिल्ली पुलिस ने गिटहब (Github) से जानकारी नहीं मिल पाना बताया था. सुल्ली डील ऐप को भी Github प्लेटफॉर्म पर ही बनाया गया था.

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बुल्ली बाई मामले में गुरुवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने असम के जोरहाट से इंजीनियरिंग छात्र नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया. जिसे इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है. पुलिस ने बताया कि 21 साल के नीरज बिश्नोई की गिरफ्तारी के साथ ही बुल्ली बाई मामले को सुलझा लिया है. बुल्ली बाई केस में कुल मिलाकर ये चौथी गिरफ्तारी है, जिनमें से 3 आरोपियों को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस इस मामले में मुंबई पुलिस की किसी भी कार्रवाई पर कोई भी बात करने से साफ इनकार कर रही है. पुलिस का कहना है कि उनके यहां मामला दर्ज है, जिस पर उन्होंने कार्रवाई की है.

2 राज्यों की पुलिस, एक मामला
बुल्ली बाई ऐप इस तरह का कोई पहला मामला नहीं है, जब दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस आमने-सामने हो. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं. करीब 4 महीने पहले दिल्ली पुलिस ने एक टेरर मॉड्यूल के केस की जांच करते हुए चलती ट्रेन से कोटा के पास से जान मोहम्मद नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया था. उसे आतंकी मॉड्यूल और डी कंपनी से जुड़ा हुआ बताया था. जान मोहम्मद उस वक्त मुंबई से दिल्ली आ रहा था. इस मामले पर मुंबई पुलिस ने हैरत जाहिर करते हुए कहा था कि जान मोहम्मद पर वह लगातार नजर बनाए हुए थे और उसके पास से कोई बरामदगी भी नहीं हुई. जान मोहम्मद मुंबई के धारावी में रहता था.

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इसके पहले स्पॉट फिक्सिंग मामले में भी दोनों राज्यों की पुलिस के बीच खटास सामने आई थी. दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में कई गिरफ्तारियां की थी. जिनमें श्रीसंत भी शामिल थे. दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत को मुंबई से गिरफ्तार किया था. श्रीसंत की गिरफ्तारी के दो दिन बाद मुंबई पुलिस ने उस होटल में रेड की थी, जहां से श्रीसंत को पकड़ा गया था. मुंबई पुलिस ने होटल में छापेमारी के दौरान श्रीसंत का आईपैड, लैपटॉप और एक डायरी जब्त की थी. जब दिल्ली पुलिस ने इस सामान की जानकारी मुंबई पुलिस से मांगी तो उनका जवाब था कि दिल्ली पुलिस कोर्ट के जरिए अपनी मांग को रखे.

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एक पुलिस अधिकारी ने हमें बताया कि यह किसी दो स्टेट की पुलिस के बीच का मामला नहीं है. यह सब किसी भी स्टेट में भी दो अलग-अलग पुलिस टीमों के बीच भी होता है. हर पुलिस टीम चाहती है कि अगर कोई केस उसको दिया गया है, तो वह जल्द से जल्द मामले में आरोपी को गिरफ्तार करे और पहले करे. इसमें कोई विवाद का मामला नहीं है.

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