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CBI का रिश्वतखोर अफसरों के खिलाफ अभियान, नागपुर से 1 भुवनेश्वर से 3 अधिकारी गिरफ्तार

सीबीआई की टीम ने नागपुर की एक फर्म के मालिक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के लिए क्षेत्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय से जुड़े एक सहायक श्रम आयुक्त को गिरफ्तार कर लिया. फर्म के मालिक की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया.

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CBI ने रिश्वतखोरी के आरोप में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है
CBI ने रिश्वतखोरी के आरोप में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीबीआई का रिश्वतखोर अफसरों पर धावा
  • दो शहरों से 4 अफसरों समेत 5 लोग गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए महाराष्ट्र के नागपुर से एक सहायक श्रम आयुक्त को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. उधर, दूसरी तरफ सीबीआई की टीम ने भुवनेश्वर में तैनात जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तीन अधीक्षकों को भी रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

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सीबीआई की टीम ने नागपुर की एक फर्म के मालिक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के लिए क्षेत्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय से जुड़े एक सहायक श्रम आयुक्त को गिरफ्तार कर लिया. फर्म के मालिक की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया. जिसमें उसने आरोप लगाया था कि आरोपी अधिकारी ने मजदूरों की सुरक्षा के बारे में अनियमितताओं और श्रम लाइसेंस जारी करने के मामले को सुलझाने के लिए रिश्वत की मांग की थी.

आरोपी अधिकारी ने फर्म का निरीक्षण किया था. जिसके बाद उसने शिकायतकर्ता को दस्तावेज जमा करने के लिए बुलाया था. शिकायतकर्ता ने सीबीआई को इस बारे में सूचित किया कि आरोपी अधिकारी ने दस्तावेज जमा करने के नाम पर शिकायतकर्ता को अपने आवास पर मिलने के लिए बुलाया. छानबीन करने पर शिकायत सही पाई गई तो सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया.

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शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. आरोपी के आधिकारिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई. जिसमें लगभग 2.09 लाख की नकदी और विभिन्न निवेशों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए. आरोपी अधिकारी की पहचान सचिन शेलार के रूप में हुई है. बुधवार को नागपुर में आरोपी को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे 2 जनवरी तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया.

भुवनेश्वर से जीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज के तीन अधीक्षक अरेस्ट 
उधर, ओडिशा के भुवनेश्वर में सीबीआई की टीम ने जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज के तीन अधीक्षकों को एक एजुकेशनल ट्रस्ट से रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया. इन तीन अधिकारियों के साथ-साथ शैक्षिक ट्रस्ट के अकाउंट ऑफिसर को भी गिरफ्तार किया गया है. 

पकड़े गए तीनों अधिकारियों की पहचान कलाभंजन कर, प्रदीप कुमार आचार्य और एन.एन. साहू के रूप में हुई है. इन तीनों को सेंचुरियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खुर्द (ओडिशा) के एक अकाउंट ऑफिसर आशुतोष पढी के साथ गिरफ्तार किया गया है. 

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पकड़े गए अधिकारियों पर सीबीआई का आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2017-2018 के लिए कुछ दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के नाम पर तीनों अधीक्षकों ने शैक्षिक ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. सीबीआई के अनुसार, दिसंबर 2020 के तीसरे सप्ताह में एक सुपरिंटेंडेंट ने ऑडिट के लिए अपनी टीम के साथ ट्रस्ट का दौरा किया. उस अधीक्षक ने ऑडिट के बाद कहा कि ट्रस्ट ने जीएसटी में कर की बहुत कम राशि दी है. और इस मामले को निपटाने के नाम पर उस अधिकारी ने ट्रस्ट के एक पदाधिकारी से 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की.

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ट्रस्ट की ओर से मामले की शिकायत सीबीआई से की गई. इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी अधीक्षक को अन्य दो अधीक्षकों के साथ गिरफ्तार कर लिया. साथ ही ट्रस्ट के एक लेखा अधिकारी को 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत का आदान-प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सीबीआई ने उड़ीसा में अभियुक्तों के परिसरों की तलाशी ली  और कई दस्तावेजों की बरामदगी की.

 

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