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छत्तीसगढ़: 10 साल, 3722 नक्सली हमले, 489 जवान शहीद, मौत के मामले में टॉप पर है राज्य

सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 2011 से लेकर 2020 तक 10 सालों में छत्तीसगढ़ में 3,722 नक्सली घटनाएं हुई हैं. इनमें 736 आम लोगों की जान गई है, जबकि 489 जवान शहीद हुए हैं. हालांकि, सुरक्षाबलों ने इन 10 सालों में 656 नक्सलियों को भी मार गिराया है.

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बीजापुर हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं. (फोटो-PTI)
बीजापुर हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं. (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • छत्तीसगढ़ के 8 जिले नक्सल प्रभावित
  • 10 साल में 656 नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है. घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने बीजापुर में सुरक्षाबलों के 22 जवान शहीद कर दिए. एक जवान अब भी लापता है. जानकारी के मुताबिक, 200 से 300 नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया. सुरक्षाबलों के जवान नक्सली कमांडर हिडमा को पकड़ने गए थे. लेकिन घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने तीन तरीकों से जवानों पर हमला बोल दिया. नक्सलियों ने गोलियां भी चलाईं, रॉकेट लॉन्चर भी छोड़े और नुकीले हथियारों से भी हमला किया. एक जवान का तो नक्सलियों ने हाथ भी काट डाला और फिर उसे मार दिया.

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सरकार के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 8 जिले नक्सल प्रभावित हैं. इनमें बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, राजनंदगांव और कोंडागांव शामिल हैं. सुरक्षाबल या पुलिस जब भी नक्सलियों को पकड़ने जाती है, तो ये नक्सली उन पर हमला कर देते हैं. गृह मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट और लोकसभा में दिए जवाब के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 साल में यानी 2011 से लेकर 2020 तक छत्तीसगढ़ में 3 हजार 722 नक्सली हमले हुए. इन हमलों में हमने 489 जवान खो दिए. 

साल नक्सली हमले शहीद हुए जवान
2011 465 80
2012 370 46
2013 355 44
2014 328 60
2015 466 48
2016 395 38
2017 373 60
2018 392 55
2019 263 22
2020 315 36
कुल 3,722 489


ये आंकड़े इसलिए भी हैरान करने वाले हैं. क्योंकि छत्तीसगढ़ से ज्यादा नक्सल प्रभावित झारखंड है. यहां 13 जिले नक्सल प्रभावित हैं. उसके बावजूद झारखंड में नक्सली हमले छत्तीसगढ़ की तुलना में कम होते हैं. अगर देखा जाए तो पिछले 10 साल में छत्तीसगढ़ में जहां 3,722 नक्सली हमले हुए, वहीं इसी दौरान झारखंड में 3,256 हमले हुए. एक ट्रेंड ये भी है कि झारखंड में जहां नक्सली हमलों में कमी आ रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में हमले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. सरकार इन्हें नक्सली हमले नहीं कहती, बल्कि वामपंथी उग्रवाद हमले बताती है.

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पिछले 6 साल में छत्तीसगढ़ और झारखंड में हुए नक्सली हमले
 

साल छत्तीसगढ़ झारखंड
2015 466 310
2016 395 323
2017 373 251
2018 392 205
2019 263 200
2020 315 199
कुल 2,204 1,488

10 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से ज्यादा आम लोग मारे गए
2011 से लेकर 2020 तक छत्तीसगढ़ में जितने भी नक्सली हमले हुए, उसमें नक्सलियों से ज्यादा आम लोग मारे गए. ये आंकड़े सरकार के ही बताए गए हैं. पिछले 10 सालों में राज्य में सुरक्षाबलों ने एक तरफ 656 नक्सलियों को मार गिराया, वहीं दूसरी तरफ नक्सली घटनाओं में 736 आम लोगों की जान गई. सुरक्षाबलों ने सबसे ज्यादा नक्सली 2016 में मारे थे. उस साल 135 नक्सली मारे गए थे. उसके बाद 2018 में 125 नक्सली मारे गए. 

साल आम नागरिकों की मौत     नक्सली मारे गए
2011 124 34
2012 63 38
2013 67 38
2014 62 35
2015 53 48
2016 69 135
2017 70 80
2018 98 125
2019 55 79
2020 75 44
कुल 736 656

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों में मारे गए नागरिकों और शहीद जवानों के आंकड़ों को जोड़ें, तो पिछले 10 साल में यहां 1,225 मौतें हुई हैं. ये देश के बाकी किसी भी नक्सल प्रभावित राज्यों में सबसे ज्यादा है. 

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खर्च बढ़ रहा, लेकिन हमले नहीं रुक रहे
नक्सली हमलों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को मिलने वाली आर्थिक मदद बढ़ रही है. लेकिन हमले कम नहीं हो रहे हैं. 2017-18 में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 92 करोड़ रुपए दिए थे, जो 2020-21 में बढ़ाकर 140 करोड़ रुपए हो गए. इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा मौतों के मामले में टॉप पर है. 

 

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