उत्तर प्रदेश के नोएडा में धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर गौतम और जहांगीर आलम कासमी के दिल्ली स्थित ठिकानों पर ईडी ने रेड मारी है. ईडी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुल 6 लोकेशन पर ये छापेमारी की गई. ईडी के सूत्रों के मुताबिक उमर गौतम पर विदेशों से काफी मात्रा में धर्मांतरण करवाने के लिए लाखों -करोड़ों रुपये मिले हैं, इन तमाम इनपुट्स और उससे जुड़े मसलों पर तफ़्तीश के लिए ये छापेमारी की जा रही है. दिल्ली में तीन और यूपी में तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है.
यूपी में ईडी ने लखनऊ स्थित अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन और गाइडेंस एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के दफ्तरों पर छापेमारी की है. ये संगठन उमर गौतम द्वारा चलाए जा रहे हैं और अवैध धर्मांतरण को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. ईडी के सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जो पूरे भारत में आरोपी उमर गौतम और उनके संगठनों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खुलासा करते हैं. दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि अवैध रूप से धर्मांतरण के उद्देश्य से आरोपी संगठनों द्वारा विदेश फंडिंग के रूप में कई करोड़ रुपये प्राप्त किए गए हैं.
इसके अलावा दिल्ली के बाटला हाउस स्थित IDC (Islamic Dawah Centre) कार्यालय में भी ईडी ने छापेमारी की है. इसके अलावा मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी पुत्र ताहिर अख्तर 23/1 फोर्थ फ्लोर जामिया नगर में भी ईडी ने छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि इसी संस्था के बैंक खातों में तथा अन्य माध्यमों से भी भारी मात्रा में पैसे उपलब्ध कराये जाते थे और विदेशों से भी फंडिंग की जाती थी जिसका इस्तेमाल धर्मान्तरण के लिए किया जाता था.
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बता दें कि हाल ही में यूपी के नोएडा में एक धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. इस मामले में यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर आलम कासमी को गिरफ्तार किया है. ये रैकेट पिछले दो साल से चलाया जा रहा था और इसमें मूक-बधिर बच्चों और महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराया जाता था. इस मामले में पुलिस को विदेशी फंडिंग होने के भी सबूत मिले थे.