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त्रिलोचन सिंह मर्डर केसः कत्ल के बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंची थी आरोपी की महिला मित्र, बयान दर्ज

त्रिलोचन सिंह के भाई और रिटायर एसएसपी को इस घटना की जानकारी दी थी. फिर रिटायर एसएसपी ने ही इस वारदात के बारे में पुलिस को सूचना दी थी. छानबीन के दौरान मौक़ा-ए-वारदात पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो उसमें आरोपी हरप्रीत के साथ हरमीत भी साफ दिखाई दे रहा है.

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त्रिलोचन सिंह की लाश एक फ्लैट में सड़ी गली हालत में बरामद हुई थी
त्रिलोचन सिंह की लाश एक फ्लैट में सड़ी गली हालत में बरामद हुई थी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बसई दारापुर के फ्लैट से बरामद हुई थी त्रिलोचन की लाश
  • पॉलीथिन में लपेट कर रखी गई थी NC नेता की लाश
  • हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश का शक

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर विधान परिषद के पूर्व सदस्य त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है. पता चला है कि त्रिलोचन सिंह की हत्या के बाद आरोपी हरप्रीत सिंह ने एक महिला मित्र को भी मौका-ए-वारदात पर बुलाया था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने उस महिला से भी पूछताछ की है.

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सूत्रों के मुताबिक NC नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी हरप्रीत सिंह ने अपनी एक महिला मित्र को घटनास्थल यानी बसई दारापुर के फ्लैट पर बुलाया था. हरप्रीत की महिला मित्र की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे तलाश लिया और फिर उसका स्टेटमेंट भी रिकार्ड किया गया है.

आरोपी की महिला मित्र गुरुग्राम की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक अब तक के दिए गए बयान में उस महिला ने बताया है कि उसे क़त्ल में बारे में कोई जानकारी नहीं थी. पुलिस ने उस महिला से कई सवाल जवाब किए. ताकि इस सनसनीखेज हत्या के मामले में उसकी भूमिका का पता चल सके

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इससे पहले गुरुवार को खुलासा हुआ था. आरोपी हरप्रीत सिंह खालसा ने कत्ल के बाद त्रिलोचन सिंह के एक करीबी को फोन किया था और उसे बताया था कि 'मैंने और हरमीत ने मिलकर त्रिलोचन सिंह की हत्या कर दी है, आकर लाश उठा लो.' फोन पर हत्या का गुनाह कबूल करने के बाद आरोपी ने नई दिल्ली इलाके में अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था. 

दरअसल, आरोपी हरप्रीत सिंह खालसा ने त्रिलोचना सिंह के जिस दोस्त को फ़ोन करके हत्या की बात कुबूल की थी, उसने त्रिलोचन सिंह के भाई और रिटायर एसएसपी को इस घटना की जानकारी दी थी. फिर रिटायर एसएसपी ने ही इस वारदात के बारे में पुलिस को सूचना दी थी. छानबीन के दौरान मौक़ा-ए-वारदात पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो उसमें आरोपी हरप्रीत के साथ हरमीत भी साफ दिखाई दे रहा है. 

सूत्रों के मुताबिक आरोपी हरप्रीत खालसा ही त्रिलोचन सिंह के परिवार वालों को कई दिन तक गुमराह करता रहा कि वो विदेश चले गए हैं. लेकिन जब त्रिलोचन के परिवार वालों ने इमिग्रेशन डिपार्टमेंट में चेक किया तो खुलासा हुआ कि त्रिलोचन भारत छोड़कर गए ही नहीं थे. संदिग्ध की तलाश में छापेमारीजिसके बाद त्रिलोचन के परिवार का शक हरप्रीत पर बढ़ गया था. त्रिलोचन सिंह के भाईं ने पुलिस को बताया है कि उनकी आरोपियों से पॉलिटिकल रंजिश थी. 

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