दिल्ली के शाहदरा में किन्नर गुरु एकता की हत्या का मामला वर्चस्व से जुड़ा हुआ है. दरअसल, गुरु एकता ने बहुत कम समय में किन्नर समाज में अपना ऐसा रुतबा कायम कर लिया था कि समाज के लोग उन्हें अपना सुपर गुरु मानने लगे थे. जीटीबी एनक्लेव इलाके की किन्नर गुरु अनीता हैं, लेकिन उनकी चेली एकता को ही सब किन्नर अपना गुरु मान चुके थे. इतना ही नहीं एकता दिल्ली स्टेट के गुरु बनने की रेस में सबसे आगे थीं, लेकिन उससे पहले ही उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया.
पुलिस सूत्रों की मानें तो, जिस तरह से एकता का मर्डर किया गया, उससे आशंका लग रही है कि उनके किसी अपने ने ही बदमाशों को सुपारी देकर उनकी हत्या करवाई होगी. एकता के पड़ोसियों ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति की थी, गरीबों की मदद करने में सबसे आगे रहती थीं. एकता ने कई गरीब परिवार की लड़कियों की शादी भी करवाई थी. अपने स्वभाव के चलते वह किन्नर समाज के साथ-साथ इलाके में भी काफी चर्चित थीं. उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों से एकता जनता फ्लैट्स में रह रही थीं, लेकिन किसी से कभी झगड़ा करते हुए नहीं देखा.
हैरानी की बात है कि उनके घर के बाहर तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन बदमाशों ने उन्हीं कैमरों के नीचे एकता की हत्या कर दी. जिससे साफ लग रहा कि किसी से उनकी काफी गहरी रंजिश थी. किन्नर समाज के लोगों ने बताया कि एकता और अनीता ने गुरु के पद पर रहते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है. जीटीबी एनक्लेव के जनता फ्लैट्स में ही एक बिल्डिंग के सभी फ्लैट खरीदी लिए, फ्लैट्स को तोड़कर एक आलीशान बिल्डिंग तैयार की गई.
बीते गुरुवार को ही तीन मंजिला बिल्डिंग के पुनर्निर्माण के कार्य का उद्धाटन दोनों ने मिलकर किया था. दिल्ली-एनसीआर के किन्नर इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. अनीता ने अपने बाद एकता को ही गुरु घोषित हुआ था. अनीता के बाद उसका सब कुछ सबकुछ एकता का था. पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनीता और एकता दोनों ने ही अपने भाईयों के बच्चों को गोद लिया हुआ है, बच्चे उनके साथ बिल्डिंग में रह रहे हैं.
पुलिस को आशंका है कि करोड़ों की संपत्ति किसी एक के पास न चली जाए, हो सकता है संपत्ति के लिए ही किसी अपने ने एकता की हत्या करवाई हो. भले ही एकता ने 15 वर्ष की उम्र में अपना घर छोड़ दिया हो, लेकिन उन्होंने मरते दम तक अपने परिजनों का साथ नहीं छोड़ा. उनके पिता भगराम जुआल, दिल्ली के पूसा संस्थान में नौकरी करते हैं. जबकि उनकी मां विद्यावती, भाई राकेश, मुकेश और अनिल उत्तराखंड में गांव ही रहते हैं. एकता समय-समय पर उत्तराखंड जाकर अपने परिजनों से मिलती थी. परिवार वाले भी दिल्ली में उनके घर आते थे. फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है.